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सिग्नल को समझना अधिक जरूरी

Updated at : 17 Jan 2020 7:05 AM (IST)
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सिग्नल को समझना अधिक जरूरी

नवादा : सड़क सुरक्षा सप्ताह को लेकर जिले भर में परिवहन विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चला कर हर तबके के लोगों को जागरूक किया जा रहा है. बावजूद लोग अनदेखी कर दुर्घटना का शिकार हो जा रहे हैं. इसी से जुड़ी जानकारी को लेकर नगर भवन में गुरुवार को दर्जनों चालकों को प्रशिक्षण दिया गया. […]

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नवादा : सड़क सुरक्षा सप्ताह को लेकर जिले भर में परिवहन विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चला कर हर तबके के लोगों को जागरूक किया जा रहा है. बावजूद लोग अनदेखी कर दुर्घटना का शिकार हो जा रहे हैं. इसी से जुड़ी जानकारी को लेकर नगर भवन में गुरुवार को दर्जनों चालकों को प्रशिक्षण दिया गया.

जिसमें डीटीओ अभ्यानंद मोहन सिंह व एमवीआई दिलीप कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान 62 चालकों को यातायात नियमों से अवगत कराया गया. इसके साथ ही जितने भी प्रकार के सिग्नल होते हैं उसकी भी जानकारी दी गयी.
उन्होंने बताया कि मुख्य तौर पर तीन तरह के सिग्नल होते हैं. जिसमें आदेश के लिए गोल सिग्नल पर संकेत या लिखा होता है, चेतावनी के लिए त्रिभुज सिग्नल पर संकेत या लिखा होता है तथा सूचनात्मक के लिए चैकोर सिग्नल पर संकेत या लिखा हुआ रहता है.
इन तीनों में अंकित संकेतों को समझने व जानने की जरूरत होती है. उन्होंने सड़कों पर वाहन चलाने के तौर-तरीकों के साथ सड़क पर दिखने वाली विभिन्न संकेतों पर भी विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षण में एएसआई संदीप कुमार, संगम मोटर ट्रेनिंग स्कूल के संचालक मनोज कुमार ने भी चालकों को सड़क सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि 11 जनवरी से शुरू हुई सड़क सुरक्षा सप्ताह को लेकर सड़कों से काॅलेजों तक कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरूक किया गया है. इसमें काॅलेज के छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया. उन्होंने बताया कि अंतिम दिन 17 जनवरी को इसके सफल आयोजन पर भव्य कार्यक्रम रखा गया है. जिसमें कई लोगों को सम्मानित भी किया जायेगा.
क्या हैं सिग्नल के मायने
लालबत्ती : लाल बत्ती का अर्थ है कि चैराहे में प्रवेश से पहले स्टॉप लाइन या पैदल पारपथ से पहले रुकें तथा जब तक लाल बत्ती हरे रंग में नहीं बदल जाती, इंतजार करें. लाल बत्ती पर तीर के निशान का मतलब है कि तीर की दिशा में मुड़ना मना है.
फ्लैशिंग लाल व पीली बत्ती : फ्लैशिंग लाल बत्ती का अर्थ है कि आप स्टॉप लाइन या पैदल पारपथ से पहले रुकें तथा केवल तभी आगे बढें जब सुरक्षित हो. फ्लैशिंग पीली बत्ती का अर्थ है कि आप धीमे व सावधानी पूर्वक चलते रहें.
हरी बत्ती : हरी बत्ती का अर्थ है कि आप चैराहे में पहले से चल रहे पैदल यात्रियों और अन्य वाहनों को जगह देते हुए सावधानी पूर्वक आगे बढ़ सकते हैं. हरा तीर इंगित करता है कि आप अपनी उचित लेन में रहते हुए तीर की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.
पीली बत्ती : चैराहे में प्रवेश से पहले बत्ती पीली हो जाती है, तो स्टॉप लाइन या पैदल पारपथ से पहले ही रुक जाएं. चौराहे में प्रवेश करने के बाद बत्ती पीली होती है तो सावधानी पूर्वक चलते रहे व चैराहा पार कर लें. पीले तीर के निशान का मतलब है तीर की दिशा में सावधानी पूर्वक चलना.
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