जल-जीवन-हरियाली यात्रा का तीसरा चरण : नवादा में पहुंचायेंगे गंगा का जल : CM नीतीश

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नवादा : जल-जीवन-हरियाली अभियान के तीसरे चरण के दूसरे दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नवादा के रजौली में 570.249 करोड़ की लागत से विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. साथ ही मुख्यमंत्री जागरूकता सम्मेलन को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने लोगों से 19 जनवरी, 2020 को बननेवाले मानव शृंखला में शामिल होने की अपील की.

जल-जीवन-हरियाली यात्रा का तीसरा चरण : नवादा में पहुंचायेंगे गंगा का जल : CM नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में आबादी का घनत्व ज्यादा है. बिहार में विकास दर का औसत भी ज्यादा है. कृषि रोड मैप के जरिये विकास किया जा रहा है. हर घर बिजली पहुंचायी जा रही है. उन्होंने कहा कि हमने सात निश्चय योजना के तहत काम किया. महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण दिया. राज्य में महिलाओं के उत्थान पर काम किया. हमने नारी और समाज के हर तबके का उत्थान किया. महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया. पढ़ाई-लिखाई पर भी काम किया. अब लड़के-लड़कियों की संख्या स्कूल में बराबर हो गयी है. 9वीं कक्षा से साइकिल योजना शुरू की. लड़कियों के लिए पोशाक योजना की शुरुआत की.

जल-जीवन-हरियाली यात्रा का तीसरा चरण : नवादा में पहुंचायेंगे गंगा का जल : CM नीतीश

उन्होंने कहा कि बिहार के कई क्षेत्रों में क्लोराइड युक्त पानी है. शुद्ध जल के लिए काम कर रहे हैं. हर घर शौचालय का काम पूरा करेंगे. महिलाओं के कहने पर शराबबंदी लागू किया. पहले लोग शराब में पैसे बरबाद करते थे. शराबबंदी पर अध्ययन करने के लिए राजस्थान की टीम बिहार आयी थी. टीम जगह-जगह जाकर पता कर रही थी. शराबबंदी की वजह से घर में झगड़े कम हो रहे हैं. शराबबंदी से फायदा हुआ है. विकास का भी काम हुआ और समाज सुधार का भी काम हुआ. जलवायु परिवर्तन के कारण दिक्कतें हो रही हैं. हम जलवायु पर अध्ययन कर रहे हैं. पिछले 13 सालों में औसत वर्षापात 901 मिमी रहा. पहले औसत वर्षापात 1200 से 1500 मिमी था. राज्य में भू-जलस्तर नीचे जा रहा है. उत्तर बिहार में भू-जलस्तर में कमी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-हरियाली है, तभी जीवन है. जल संरक्षण के लिए नदियों में चेक डैम बनायेंगे. जलवायु परिवर्तन से नुकसान हो रहा है. हमने जलवायु परिवर्तन पर चर्चा की. बिहार में मॉनसून 15 जून से होती थी. अब बिहार में मॉनसून आने का कोई तय समय नहीं है. बिहार में हरित आवरण पहले नौ फीसदी था. हमने बिहार में 19 करोड़ पौधे लगाये. अब बिहार का हरित आवरण 15 फीसदी हो गया है. बिहार में हरित आवरण को 17 फीसदी पहुंचाने का लक्ष्य है. अगले तीन सालों में आठ करोड़ पौधे लगाये जायेंगे. नवादा में भी गंगा का जल पहुंचायेंगे. हर घर बिजली पहुंचा दिया. अब सिंचाई पर काम कर रहे हैं. सौर ऊर्जा के लिए काम कर रहे हैं. सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा है. बिहार में फुलवरिया डैम सबसे बड़ा है. फुलवरिया डैम के विस्तार पर काम होगा. जल संरक्षण से सिंचाई का रास्ता निकाला जा रहा है. हम पहाड़ों के पानी को संरक्षित करेंगे. पंचायत संस्थाओं में आरक्षण दिया गया. मौसम के अनुकूल खेती करना जरूरी है. हमें पानी बर्बाद नहीं करना है.

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 जनवरी, 2020 को मानव शृंखला बनायेंगे. जल-जीवन-हरियाली के पक्ष में मानव शृंखला आयोजित की जा रही है. जल-जीवन-हरियाली अभियान में 24 हजार करोड़ रुपये खर्च करेंगे. 16 हजार किमी मानव शृंखला बनाने का लक्ष्य है. मानव शृंखला में लोग आधे घंटे तक हाथों में हाथ डालकर खड़े रहेंगे. हमने शराबबंदी और बाल-विवाह के पक्ष में भी मानव शृंखला बनायी थी. मुख्यमंत्री ने 19 जनवरी, 2020 को मानव शृंखला में शामिल होने की अपील की.

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