जमाबंदी को लेकर हाइकोर्ट में सुनवाई आज निबंधन करानेवालों की दिनभर रही भीड़

Updated at : 14 Nov 2019 9:07 AM (IST)
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जमाबंदी को लेकर हाइकोर्ट में सुनवाई आज निबंधन करानेवालों की दिनभर रही भीड़

नवादा : बिहार सरकार ने जमीन खरीद की बिक्री को लेकर नयी नियमावली लागू की है, जिसके बाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी. इस रोक पर सुनवाई गुरुवार को हाईकोर्ट में होनी है. जमाबंदी नियामवली लागू होने को लेकर लोगों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है. लोगों की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी […]

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नवादा : बिहार सरकार ने जमीन खरीद की बिक्री को लेकर नयी नियमावली लागू की है, जिसके बाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी. इस रोक पर सुनवाई गुरुवार को हाईकोर्ट में होनी है. जमाबंदी नियामवली लागू होने को लेकर लोगों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है. लोगों की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है. इन हालातों में गुरुवार को जिला निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री करानेवालों की रिकाॅर्ड भीड़ रही.

बुधवार को निबंधन कार्यालय में कुल 165 दस्तावेज जमा किये गये, इसके पूर्व 11 नवंबर को भी 185 दस्तावेज जमा किये गये थे. लेकिन सर्वर फेल होने के कारण 11 नवंबर को मात्र 83 दस्तावेजों का ही काम हो सका था. शेष 102 दस्तावेज और 165 दस्तावेज को मिला कर कुल 267 दस्तावेजों का बोझ बुधवार को विभाग पर पड़ गया है.
जिसे पूरा करने में कर्मियों के देर शाम तक पसीने छूट रहे थे. वहीं सर्वर पर लोड रहने के कारण बार-बार फेल होने की समस्या ने परेशानी बढ़ा दी. इस ऊहापोह को लेकर भले ही लोगों में जो भी हालात बनी हो, लेकिन निबंधन विभाग को इससे 66 से 70 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है.
बगैर जमाबंदी के नहीं हो सकेगी रजिस्ट्री : बगैर जमाबंदी के जमीन-खरीद-बिक्री पर रोक फिर से 14 नवंबर से लगने के आसार दिख रहे हैं. इस नियमावली के तहत कोई भी बगैर जमाबंदी के जमीन नहीं बेच सकेगा. यह नियमावली कैबिनेट की मुहर के बाद 10 अक्तूबर से पूरे बिहार में लागू कर दी गयी थी, लेकिन 25 अक्तूबर को कोर्ट ने रोक लगाने के बाद से निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री करानेवालों की भीड़ उमड़ पड़ी.
दस्तावेजों का बोझ एक दिन में पूरा करने में कर्मियों के छूटे पसीने
शाम तक कर्मी व आम नागरिक होते रहे परेशान
इन दिनों नये नियम को लेकर रजिस्ट्री करानेवालों की काफी भीड़ रहने के बाद सरबर की समस्या सामने आती रही. एक तरफ कर्मियों को कंप्यूटर पर सर्वर के कारण देर शाम तक काम करना पड़ा, दूर-दराज से आनेवाले ग्रामीणों को देर शाम तक परेशान होना पड़ा.
क्या कहते हैं अधिकारी
जमाबंदी के नये नियम लागू होने के नाम पर लोगों की भीड़ है. सरकार के नये नियमावली लागू होने की जानकारी सभी को पहले से ही थी. इस वजह से लोगों ने आनन-फानन में रजिस्ट्री कराने में तत्परता दिखाई है. हालांकि नया नियम से कुछ दिनों तक रजिस्ट्री प्रभावित हो सकती है. लेकिन इससे सभी लोगों को फायदा होगा. नये नियम के लागू होने के बाद भूमि विवाद समाप्त हो जायेगा. इस बात को लोगों में समझने की जरूरत है. अक्तूबर माह तक विभाग ने 102 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति कर चुकी है. वहीं नवंबर माह में 13 दिनों के अंदर 50 प्रतिशत पार कर चुका है.
– धनंजय कुमार राव, जिला निबंधन पदाधिकारी नवादा
विभाग को मिला 66 से 70 लाख का राजस्व
कैबिनेट की मुहर लगने के 15 दिनों बाद हाइकोर्ट ने लगायी थी रोक
सर्वर पर अधिक लोड होने से दिन भर परेशान रहे कर्मचारी
क्या है नयी नियमावली
यह रजिस्ट्रीकरण (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2019 है. राज्य के किसी भी जिले में किसी जमीन व संपत्ति को दान करने या बेचने का अधिकारी उन्हीं का होगा, जिनके नाम पर जमाबंदी कायम रहेगी. इस नियमावली को निबंधन विभाग पटना ने 10 अक्तूबर को राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों को इसकी प्रति उपलब्ध दी थी. नये नियम में बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम 2011 के नये प्रावधान के अनुसार ही जमीन व फ्लैटों की बिक्री या दान की जायेगी.
इस नियमावली को लेकर रजिस्ट्रीकरण के लिए पूर्व में काफी ऊहापोह लोगों के बीच बनी रही. इसको लेकर लोग आनन-फानन में जमीन रजिस्ट्री कराने में जुटे रहे. लेकिन हाईकोर्ट ने इस नये नियम पर 25 अक्तूबर से रोक लगा दी थी. हालांकि जब यह नियम लागू किया गया था. उस समय विभाग में निबंधन करानेवालों का सन्नाटा पसर गया था. कोर्ट की रोक 13 नवंबर तक लगाये जाने की बात सामने आते ही निबंधन को लेकर लगातार भीड़ रही.
नये नियम में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भिन्नता
नये नियम में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर नियम में भिन्नता रखी गयी है. नये नियम के तहत शहरी क्षेत्र यानी नगर निकाय क्षेत्रों में फ्लैट और अपार्टमेंट को बेचने या दान देने के लिए जमाबंदी नंबर के बदले होल्डिंग नंबर की अनिवार्यता रखी गयी है. अगर, होल्डिंग नंबर कायम है तो फ्लैट या अपार्टमेंट को बेचने के लिए जमाबंदी नंबर की आवश्यकता नहीं होगी.
बावजूद शहरी क्षेत्र में भी जमीन को बेचने के लिए जमाबंदी नंबर की अनिवार्यता रखी गयी है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-मकान से लेकर जमीन तक के लिए जमाबंदी नंबर को अनिवार्य रखा गया है और केवल वही बेच सकता है, जिसके नाम पर जमाबंदी कायम है. वैसे 14 नवंबर को हाई कोर्ट में इस बिंदु पर सुनवाई होनी है.
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