44 दिन बाद भी 14 लाख रुपये लूट का सुराग नहीं लगा सकी पुलिस
Updated at : 27 Aug 2019 7:10 AM (IST)
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रजौली : थाना क्षेत्र में लगातार हो रही लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस विफल रही है. कुछ महीनों के अंतराल में लगातार हुई लूट और छिनतई की कई घटनाओं में से किसी का भी उद्भेदन करने में पुलिस विफल रही है. दिन दहाड़े की गयी लूट और छिनतई के तमाम मामलों में […]
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रजौली : थाना क्षेत्र में लगातार हो रही लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस विफल रही है. कुछ महीनों के अंतराल में लगातार हुई लूट और छिनतई की कई घटनाओं में से किसी का भी उद्भेदन करने में पुलिस विफल रही है. दिन दहाड़े की गयी लूट और छिनतई के तमाम मामलों में अब तक पुलिस अंधेरे में ही हाथ पैर मार रही है. थाना क्षेत्र में लूट और छिनतई की लगातार वारदातें हो रही है.
इनमें से महज एक या दो मामलों में अब तक पुलिस को सफलता मिल पायी है. शेष मामलों में पुलिस के हाथ खाली ही रहे हैं. इस बीच अनुमंडल मुख्यालय में अपराधियों के निशाने पर बैंक से पैसे लेकर निकलनेवाले लोग सबसे ज्यादा रहे हैं. इनके बैंक से पैसे लेकर निकलते ही अपराधी उनके पीछे लग जाते हैं.
मौका पाते ही घटना को अंजाम देकर निकल जाते हैं. विगत तीन महीनों की घटनाओं पर गौर करें, तो लूट अथवा छिनतई की तमाम घटनाएं वैसे ही लोगों के साथ हुई हैं, जो बैंक से पैसा निकाल कर अपने घर जा रहे थे या बैंक में जमा कराने के लिए.
मामले में अधिकारी लगातार अपराधियों की पहचान किये जाने के दावे कर रहे हैं. पर, अब तक लूट के किसी भी मामले का उद्भेदन करने में पुलिस पूरी तरह विफल साबित हुई है. इससे लोगों को पुलिस पर से भरोसा उठने लगा है. पिछले माह में वनविभाग के समीप हुई 14 लाख लूट के मामले में रजौली पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिला है.
घटना के 44 दिनों बाद भी पुलिस इसमें शामिल अपराधियों की शिनाख्त नहीं कर सकी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गयी थी. इसमें एएसपी अभियान कुमार आलोक व रजौली एसडीपीओ संजय कुमार के अलावा डीआईयू की टीम भी इस पर काम कर रहे थे.
परंतु पुलिस अपराधियों का कोई भी सुराग नहीं निकाल सकी है. पुलिस का वैज्ञानिक अनुसंधान भी इस बार अपराधियों की पहचान कर पाने में कामयाब नहीं हो रहा है. काफी दिनों इस प्रकार की घटना हुई है, जिसमें अपराधियों ने कोई सुराग नहीं छोड़ा है.
बताते चलें कि घटना 12 जुलाई की दोपहर बाद पौने चार बजे रजौली के एसडीपीओ आवास के समीप घटी थी. बाइक पर सवार तीन बेखौफ बदमाशों ने हथियार दिखा कर भारत फाइनांसियल इन्क्लूजर लिमिटेड नामक फायनेंस कंपनी के सहायक प्रबंधक रंजीत कुमार से रुपयों भरा बैग छीन लिया व तेजी से रजौली बस स्टैंड होते हुए एनएच 31 पकड़ कर नवादा की ओर भाग निकले.
सहायक प्रबंधक अपने एक सहयोगी रंजीत कुमार- 2 के साथ अपने कार्यालय से 14 लाख 33 हजार 150 रुपये लेकर बाइक से रजौली की पुरानी बस स्टैंड के समीप स्थित एसबीआइ की शाखा में जमा कराने जा रहे थे. इसी बीच एसडीपीओ आवास से करीब 100 मीटर दूर वन विभाग के समीप पल्सर बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर बाइक पर बैठे सहायक प्रबंधक के हाथ से रुपयों भरा बैग छीनने की कोशिश की.
परंतु इस कोशिश में दोनों बाइक पलट गयी.मामला बिगड़ता देख बदमाशों में से एक ने पिस्टल निकाल कर सहायक प्रबंधक को भिड़ा दिया व बैग छीन कर भाग निकले.
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