एक लाभार्थी को दो बार इंदिरा आवास

Published at :16 Jul 2013 1:30 PM (IST)
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एक लाभार्थी को दो बार इंदिरा आवास

पकरीबरावां : प्रखंड का एक पंचायत ऐसा हैं, जहां के पूर्व मुखिया ने अपने कार्यकाल के दौरान इंदिरा आवास योजना का बंदरबांट किया. कमीशन के कारण कई लाभार्थियों को इंदिरा आवास की स्वीकृति के बाद भी रुपये का भुगतान नहीं हो सका. पूर्व मुखिया की मेहरबानी कहे तो एक ही लाभार्थी को दो-दो बार इंदिरा […]

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पकरीबरावां : प्रखंड का एक पंचायत ऐसा हैं, जहां के पूर्व मुखिया ने अपने कार्यकाल के दौरान इंदिरा आवास योजना का बंदरबांट किया. कमीशन के कारण कई लाभार्थियों को इंदिरा आवास की स्वीकृति के बाद भी रुपये का भुगतान नहीं हो सका.

पूर्व मुखिया की मेहरबानी कहे तो एक ही लाभार्थी को दो-दो बार इंदिरा आवास का लाभ मिला जबकि, कई कम अंक वाले गरीबी आज में लाभ की बाट जोह रहे हैं. वहीं, कई उच्च अंक वाले इंदिरा आवास लाभ प्राप्त कर चैन की वंशी बजा रहे हैं. यह करतूत गुलनी पंचायत की पूर्व मुखिया सोना देवी की है. मामले का खुलासा तब हुआ जब वर्तमान सरपंच पुटुसवा देवी को सूचना के अधिकार के तहत बीडीओ से जानकारी मिली.

सरपंच ने पूर्व मुखिया के कार्यकाल में 2005 से 2011 तक के करतूतों का खुलासा जिलाधिकारी से की. सरपंच ने सूचना के अधिकार के तहत प्रखंड कार्यालय से प्राप्त आंकड़े के आधार पर घोटाले का आरोप पूर्व मुखिया पर लगाया. सरपंच ने लाभार्थियों को शपथ पत्र की प्राप्ति उपलब्ध करा कर सच्‍चाई से परदा उठाया.

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2007-8 में 90 इंदिरा आवास स्वीकृत की गयी, जिसमें अंतिम किस्त जाली अंगूठा का निशान लगा कर एक-एक हजार रुपये हड़प ली गयी. वहीं, वर्ष 2007-8 में बड़ी गुलनी निवासी सिहंता देवी बीपीएल क्रमांक संख्या 654, अंक 10 को इंदिरा आवास स्वीकृत की गयी जबकि, रुपये की निकासी कर पूर्व मुखिया ने हड़प ली. इसी तरह वर्ष, 2007-8 में कई वैसे लोगों को भी इंदिरा आवास का लाभ दिया गया, जिनका नाम न तो एपीएल में है और न ही बीपीएल में है. इस श्रेणी में बड़ी गुलनी निवासी दया नंद शर्मा शामिल हैं.

वर्ष 2005-06 में तपसीपुर निवासी शांति देवी को इंदिरा आवास का लाभ दिया गया. पुन: वर्ष, 2007-08 में भी इस योजना का लाभ शांति देवी को मिला, जो पूर्व मुखिया की मनमानी थी. इसी तरह अटारी गांव निवासी गया यादव को 13 अंक के बावजूद इंदिरा आवास का लाभ दिया गया जबकि, पांच अंक वाले कपिल महतो को इसका लाभ नहीं मिला.

सरपंच ने बताया कि कारी देवी पति, कारा मांझी व रेखा देवी पति पिंटू रविदास गुलनी पंचायत के निवासी नहीं होने के बावजूद 2010-11 में पूर्व मुखिया द्वारा भोजन का लाभ देकर रुपये का भुगतान किया गया. सरपंच ने 18 अप्रैल को डीएम के जनता दरबार में आवेदन देकर पूर्व मुखिया सोना देवी पति अनूप यादव के विरुद्ध मनमानी व सरकारी राशि के गबन करने के आरोप में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की.

मामले के संबंध में पूर्व मुखिया की प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी. बीडीओ प्रेम कुमार प्रसाद ने बताया कि सरपंच द्वारा लगाये जा रहे आरोप से संबंधित आवेदन मिलने पर जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.

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