आंकड़ेबाजी व वादों के पिटारे में भरीं खुशियां,नाराजगी भी

Updated at : 01 Mar 2018 4:03 AM (IST)
विज्ञापन
आंकड़ेबाजी व वादों के पिटारे में भरीं खुशियां,नाराजगी भी

नवादा : बिहार बजट अब तक का सबसे बड़े आकार का बजट है़ इसमें शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास, बिजली, चिकित्सा, युवा रोजगार आदि क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है. एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये का बजट पिछले साल से लगभग 10 प्रतिशत आकार में बड़ा है. वित्तमंत्री सुशील मोदी अपने नौवें बजट में […]

विज्ञापन

नवादा : बिहार बजट अब तक का सबसे बड़े आकार का बजट है़ इसमें शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास, बिजली, चिकित्सा, युवा रोजगार आदि क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है. एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये का बजट पिछले साल से लगभग 10 प्रतिशत आकार में बड़ा है. वित्तमंत्री सुशील मोदी अपने नौवें बजट में राज्य के विकास को आगे बढ़ाने के लिए जो लक्ष्य तय किया है़ इसमें समाज के लगभग हर वर्ग पर ध्यान रखा गया है़

हालांकि बजट को पिछले बार की कॉपी बताते हुए कुछ विशेष नया नहीं करने की बात विरोधी कर रहे हैं. बजट बनाने और क्रियान्वयन में अंतर का असर है कि राज्य का युवा पलायन करने को विवश हो रहा है. बेरोजगारी की समस्या विकास के रंग को बिहार में चढ़ने नहीं दे रहा है युवाओं को आर्थिक मजबूती के लिए जो योजनायें क्रियान्वित हो रहे है इसका सार्थक लाभ फिलहाल नहीं मिल रहा है.

बिहार विधानसभा में लाया गया बजट हर मायने में बेहतर है. मुख्यमंत्री के सात निश्चय को आगे बढ़ाने के साथ समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाने की संकल्पना इस बजट में साफ दिखता है. गांव व किसान को फायदा पहुंचाने के लिए ग्रामीण विकास की योजनाओं पर बजट में विशेष प्रावधान है. तीन नये विश्वविद्यालय युवाओं को शिक्षित करने के साथ रोजगार से जोड़ने का काम करेगा. बिजली को किसानों के लिए अलग से उपलब्ध कराने की घोषणा भी काफी महत्वपूर्ण है.
प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष जनता दल यूनाईटेड
बजट में कुछ भी नया नहीं है. सरकार की योजनाओं के बावजूद रोजगार नहीं मिल रहे हैं. युवा वर्ग आज सबसे अधिक चितिंत है. पढ़ाई के बाद युवाओं के हाथों को काम कैसे मिलेगा इसका समाधान बजट में नहीं है. ग्रामीण विकास सरकार के एजेंडे में सबसे निचले स्थान पर रहता है इस बार गांव में कुछ करने के चक्कर में शहरी विकास को अनदेखा कर दिया गया है. बजट का सही मायने में आंकड़ेबाजी से हटकर कुछ भी नहीं है. राज्य में जिस प्रकार से अपराध बढ़ा है नये रोजगार सृजन संभव नहीं दिखता है.
महेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष राजद
बजट में प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों की सोच दिखती है. राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए पर्याप्त राशि जुटा कर खर्च करने का प्रावधान बजट में है. बजट का आकार देखकर कहा जा सकता है कि राज्य का विकास सही दिशा में हो रहा है. गांव, किसान, युवा, महिला सबों को लाभ पहुंचाने का संकल्प बजट में हैं. बजट से सड़क, बिजली, पानी आदि की गति को तेज होगी.
शशिभूषण कुमार बबलू, जिलाध्यक्ष, भाजपा
लोकलुभावन वादों से विकास संभव नहीं है. धरातल पर बजट केवल आंकड़ों का खेल दिख रहा है. बजट में यह स्पष्ट नहीं है कि रोजगार दिलाने के लिए क्या उपाय किये जायेंगे. बजट में आमलोगों से उगाही करने के लिए नये करों का प्रावधान किया गया है जो आपके पॉकेट पर ही असर डालेगा. हर लोगों को पक्का मकान देने का वादा करने वाली सरकार जमीन खरीद व बिक्री करना ही मुहाल कर दिया है़ सरकार में शामिल किसी भी मंत्री का ध्यान गरीबों पर नहीं जाता है.
आभा सिंह, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
युवाओं की बात करेंगे आज राज्य से लोगों को काम के लिए बाहर जाने की मजबूरी है. बजट को लोकलुभावन वादों की चासनी में लपेटने का काम किया गया है. केंद्र की मोदी सरकार चार साल से अच्छे दिन लाने का झांसा दे रही है वहीं छोटे मोदी ने बजट में आंकड़ेबाजी का खेल कर बिहार के लोगों को छलने का काम किया है. बजट में कुछ भी नया नहीं है. महागठबंधन के काम को आगे बढ़ाया जा रहा है.
अशोक यादव, जिप सदस्य सह वरीय राजद नेता
रोजगार के लिए उद्योग को बढ़ावा, नये रोजगार सृजन के लिए आर्थिक मदद व सहायता, युवाओं का स्किल डेवलपमेंट आदि का बजट में खास ख्याल रखा गया है. रोजगार के लिए माहौल बनाने में यह बजट सहायक होगा. केंद्र की योजनाओं का पर्याप्त लाभ राज्य को मिला है. केंद्र और राज्य का सही सामंजस्य व बिहार की प्रगति को तेजी दी है.
बिट्टू शर्मा, सांसद प्रतिनिधि
बजट में जनता के हितों का ख्याल किया गया है. शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, अल्पसंख्यक, विद्यार्थी, महिला सभी के लिए सौगात है. सामाजिक सद्भाव के साथ विकास सीएम का नारा नहीं बल्कि बजट में इसकी जीवंत झलक दिखती है. गांवों में बदलाव दिखेगा.
इकबाल हैदर खां मेजर, अध्यक्ष, सुन्नी वक्फ बोर्ड .
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन