अधर में लटकी बहुग्रामीण जलापूर्ति परियोजना
Updated at : 07 Jul 2017 10:33 AM (IST)
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30 जून तक मिला था समय, अब तक हुआ 65 प्रतिशत काम रजौली : विश्व बैंक,भारत सरकार व बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास से फ्लाेराइड प्रभावित रजौली समेत 10 पंचायतों के गांवों में जलापूर्ति के लिये बनी बहुग्रामीण जलापूर्ति परियोजना तय समय में पूरी नहीं हो सकी है. योजना का कार्यकारी विभाग जिला परियोजना प्रबंधन […]
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30 जून तक मिला था समय, अब तक हुआ 65 प्रतिशत काम
रजौली : विश्व बैंक,भारत सरकार व बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास से फ्लाेराइड प्रभावित रजौली समेत 10 पंचायतों के गांवों में जलापूर्ति के लिये बनी बहुग्रामीण जलापूर्ति परियोजना तय समय में पूरी नहीं हो सकी है. योजना का कार्यकारी विभाग जिला परियोजना प्रबंधन इकाई व कार्यकारी एजेंसी मेसर्स जेआइटीएफ वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को समय पर पूरा करने में विफल रही है. कार्यकारी एजेंसी मेसर्स जेआइटीएफ वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को कार्य पूरा करने के लिए 18 जुलाई 2016 से 30 जून 2017 तक का समय दिया गया था. रजौली बहुग्रामीण जलापूर्ति परियोजना की लागत करीब 83 करोड़ है. इसमें कुल लागत का 50 प्रतिशत विश्व बैंक, 34 प्रतिशत भारत सरकार व 16 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी.
10 पंचायतों के गांवों में होगी जलापूर्ति
रजौली बहुग्रामीण जलापूर्ति परियोजना से फ्लाेराइड प्रभावित रजौली समेत 10 पंचायतों के गांवों में जलापूर्ति होगी. इसमें जोगियामारन, धमनी, अमला पूर्वी, बहादुरपुर, चितरकोली, तकुआटांड़, हरदिया, सिरोडाबर, रजौली पूर्वी, रजौली पश्चिमी पंचायत शामिल है.
रजौली बहुग्रामीण जलापूर्ति परियोजना के तहत रजौली प्रखंड मुख्यालय समेत 10 पंचायतों के गांवों में करीब 168 किमी. पाइपलाइन बिछायी गयी है. पाइपलाइन बिछाने के क्रम में गांवों की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गयी हैं. पीएचइडी ने प्रत्येक घरों से पानी सप्लाई के कनेक्शन के नाम पर 425 रुपये लेकर रसीद दी है, लेकिन परियोजना अधूरी रहने से घरों में जलापूर्ति शुरू नहीं की गयी है. हरदिया डैम किनारे इंटेकवेल का निर्माण किया जा रहा है. योजना के तहत चयनित पंचायत में जलमीनार का निर्माण किया जा रहा है.
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