मदर टेरेसा के नाम पर चंदाखोरी? मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने दी कार्रवाई की चेतावनी

Mother Teresa Name Misuse: कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने मदर टेरेसा और संस्था के नाम के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. चंदा जुटाने और प्रचार में नाम इस्तेमाल करने वालों को कानूनी हंटर की चेतावनी दी गयी है. जानें क्या है पूरा विवाद और जनता के लिए जारी एडवाइजरी.
Mother Teresa Name Misuse: पश्चिम बंगाल में कुछ संगठन और व्यक्ति मदर टेरेसा का इस्तेमाल अपने निजी और राजनीतिक स्वार्थ के लिए कर रहे हैं? यह सवाल इसलिए खड़ा हुआ है, क्योंकि मिशनरीज ऑफ चैरिटी (MoC) ने एक बेहद सख्त और अभूतपूर्व एडवाइजरी जारी की है. संस्था ने कहा है कि मदर टेरेसा और मिशनरीज ऑफ चैरिटी के नाम का ‘अनधिकृत उपयोग’ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. ऐसे लोगों और संस्थाओं के किलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
चंदा मांगना मिशन के खिलाफ
कोलकाता स्थित मुख्यालय से जारी बयान में मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने कहा है कि मदर टेरेसा ने अपने जीवनकाल में कभी नहीं चाहा कि उनके नाम या चेहरे का उपयोग धन जुटाने के लिए किया जाये, चाहे वह काम धर्मार्थ ही क्यों न हो. मदर हमेशा सादगी और स्वैच्छिक सद्भावना की पक्षधर रहीं. उनके नाम पर किसी भी तरह की ‘चंदा की अपील’ उनके सिद्धांतों का अपमान है.
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जनता के बीच भ्रम पैदा करने की बड़ी साजिश!
मिशनरीज ने कहा है कि संस्था को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि कई फर्जी संगठन और व्यक्ति बिना अनुमति के मदर टेरेसा और मिशनरीज ऑफ चैरिटी के नाम का इस्तेमाल कर डोनेशन कैंपेन चला रहे हैं. इससे न केवल आम जनता भ्रमित हो रही है, बल्कि 1950 में स्थापित इस वैश्विक कैथोलिक संस्था की प्रतिष्ठा पर भी आंच आ रही है.
हमें जानकारी मिली है कि चंदा जुटाने सहित विभिन्न गतिविधियों के लिए हमारे नाम का दुरुपयोग हो रहा है. अगर यह तत्काल नहीं रुका, तो हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगे.
मिशनरीज ऑफ चैरिटी का आधिकारिक बयान
चुनावी मौसम में नाम का खेल और साख का सवाल
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव के समय कई छोटे-बड़े संगठन सामाजिक कार्यों का चोला ओढ़कर सक्रिय हो जाते हैं. मदर टेरेसा जैसी वैश्विक शख्सीयत का नाम जोड़कर लोगों का भरोसा जीतना और फिर उस फंड का गलत इस्तेमाल करना एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है. संस्था ने जनता से अपील की है कि वे मदर टेरेसा से जुड़ी किसी भी पहल को समर्थन देने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करें.
क्या होगी कानूनी कार्रवाई?
मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने ‘सुधारात्मक कदम’ उठाने का आग्रह करते हुए कहा है कि केवल उन्हीं के पास मदर टेरेसा की विरासत और कार्यों का प्रतिनिधित्व करने का कानूनी अधिकार है. निरंतर दुरुपयोग की स्थिति में संस्था कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) के उल्लंघन के तहत मुकदमा दर्ज करा सकती है.
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By Mithilesh Jha
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