इनकार करने पर होगी कार्रवाई
Updated at : 09 Jan 2016 12:50 AM (IST)
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– पीड़ितों को चिकित्सा कराने में होगी सहूलियत बिहारशरीफ : एसिड अटैक से पीडि़त लोगों को अब बेहतर चिकित्सा के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है. सरकारी ही नहीं निजी एवं गैर सरकारी अस्पतालों, नर्सिंग होम एवं क्लिनिकों में भी नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार ने की है. पीडि़तों का इलाज करने से इंकार […]
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– पीड़ितों को चिकित्सा कराने में होगी सहूलियत
बिहारशरीफ : एसिड अटैक से पीडि़त लोगों को अब बेहतर चिकित्सा के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है. सरकारी ही नहीं निजी एवं गैर सरकारी अस्पतालों, नर्सिंग होम एवं क्लिनिकों में भी नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार ने की है. पीडि़तों का इलाज करने से इंकार करने पर निजी क्लिनिकों एवं गैर सरकारी अस्पतालों के संचालकों पर पीडि़ता की शिकायत के आलोक में कार्रवाई की जायेगी.
यह जानकारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा. ललीत मोहन प्रसाद ने दी. सिविल सर्जन कार्यालय कक्ष में उन्होंने जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं उपाधीक्षकों के साथ बैठक की. इस आदेश को सख्ती से पालन कराने की हिदायत प्रभारियों एवं उपाधीक्षकों को एसीएमओ डा. प्रसाद ने दी.
चिकित्सा के साथ नि:शुल्क दवा मिलेगी
एसिड अटैक से पीडि़त मरीजों को निजी क्लिनिकों में इलाज के साथ-साथ आवश्यकता अनुसार बेहतर चिकित्सा के लिए नि:शुल्क जीवन रक्षक दवाइयां भी क्लिनिक संचालकों को देनी होगी.
इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी होगी. इतना ही नहीं भरती एसिड पीडि़त मरीजों को क्लिनिक की ओर से खाना, नाश्ता भी उपलब्ध होगी. उन्होंने कहा कि कोई क्लिनिक संचालक पीडि़त को इलाज करने से इंकार करते हैं और इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से की जाती है तो मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्लिनिक संचालकों पर जांच कर निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी.
बेहतर इलाज के लिए उच्च संस्थानों होंगे रेफर
पीडि़त व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्च संस्थानों, अस्पतालों में चिकित्सीय सलाह के आधार पर रेफर किये जायेंगे.
किसी भी पीडि़त को सर्जरी की जरूरत होगी तो निश्चित तौर से पीडि़त को सर्जरी की भी व्यवस्था सक्षम अस्पतालों में करायी जायेगी. ताकि पीडि़त व्यक्ति पूरी तरह से स्वास्थ्य लाभ उठा सकें.
पुलिस को सूचना अवश्य उपलब्ध कराएं
अगर एसिड अटैक से पीडि़त व्यक्ति इलाज के लिए निजी क्लिनिकों में आते हैं तो क्लिनिक संचालन इलाज करने के साथ-साथ इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को अवश्य उपलब्ध करायें. ताकि पीडि़ता का बयान दर्ज किया जा सके. सरकारी अस्पतालों में भरती पीडि़तों के बारे में भी पुलिस को सूचना उपलब्ध करायी जायेगी.
इस बात का ध्यान प्रभारी एवं उपाधीक्षक रखेंगे. बैठक में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ शैलेन्द्र कुमार,राजगीर अनुमंडल के उपाधीक्षक डाॅ उमेश चंद्र, रहुई प्रभारी डाॅ केके मंत्रा,डाॅ मनोरंजन कुमार समेत अन्य मौजूद थे.
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