दुग्ध उद्योग में रोजगार की असीम संभावनाएं

Updated at : 25 Aug 2015 11:48 PM (IST)
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दुग्ध उद्योग में रोजगार की असीम संभावनाएं

राजगीर (नालंदा) : संतुलित पशु आहार और किसान जागरूकता अभियान पूरे देश में आज से शुरू हो गया.इसकी शुरुआत राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने राजगीर के कन्वेंशन हॉल में आयोजित कार्यशाला से की गयी. इसकी शुरुआत होते ही आज से पूरे देश में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड संतुलित पशु आहार और पाश्चुराइज्ड दूध के सेवन […]

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राजगीर (नालंदा) : संतुलित पशु आहार और किसान जागरूकता अभियान पूरे देश में आज से शुरू हो गया.इसकी शुरुआत राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने राजगीर के कन्वेंशन हॉल में आयोजित कार्यशाला से की गयी. इसकी शुरुआत होते ही आज से पूरे देश में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड संतुलित पशु आहार और पाश्चुराइज्ड दूध के सेवन को लेकर प्रचार अभियान शुरू हो गया. इस अभियान के तहत देश भर में दीवार पेंटिंग, ट्रैक्टर एवं अन्य वाहन डेयरी के बूथों पर श्लोगनयुक्त बोर्ड लगाये जायेंगे.
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त विजय प्रकाश ने करते हुए उपस्थित किसानों से कहा कि पशु जितने स्वस्थ और स्वच्छ रहेंगे, उतना ही दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी. उन्होंने दुग्ध उत्पादन से जुड़े कृषकों और आर्थिक सहयोगियों से कहा कि पशुओं को जितनी कम रासायनिक चीजें दें, उतना ही स्वस्थ दूध की बढ़ोतरी होगी.
इसके अलावा श्री प्रकाश ने कहा कि किसान अपनी फसलों में कम-से-कम कीटनाशक दवाइयां दें ताकि पशुओं को शुद्ध चारा मिल सके. दुग्ध उद्योग एक बहुत बड़ा रोजगार है और इसमें रोजगार की असीम संभावनाएं है. घर-घर में डेयरी प्रोजेक्ट विकसित हो रहे है और इसमें वंचित और हर वर्ग की महिलाएं बढ़-चढ़ कर आगे आ रही है.
इस अवसर पर कंफेड के प्रबंध निदेशक गोपाल मीणा ने कहा कि पाश्चुराइज्ड दूध का ही सेवन लोगों को करना चाहिए. खास कर बच्चों के पाश्चुराइज्ड दूध सेवन करने से उनकी शारीरिक एवं मानसिक शक्ति बढ़ेगी. श्री मीणा ने कहा कि पाश्चुराइज्ड दूध के सेवन के लिए पटना के सभी सुधा बूथों पर श्लोगनयुक्त बोर्ड लगाये गये हैं, ताकि लोग पाश्चुराइज्ड दूध का ही सेवन करें.
इस जागरूकता अभियान कार्यशाला में झारखंड के मेधा के एमडी डीडी खन्ना, डीजीएम बिहार के मीनेश दास साह व पटना डेयरी प्रोजेक्ट के एमडी सुधीर कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये. एनडीडीबी के अध्यक्ष टी नंद कुमार ने कहा कि डेयरी विकास न केवल दूध नामक वस्तु से संबंधित है बल्कि भारत के ग्रामीण परिवारों के सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन से संबंधित है.
उन्होंने जानकारी दी कि डेयरी किसान एनडीडीबी के आरडीपी वीपी द्वारा अपने पशुओं के आहार को संतुलित करके आहार की लागत को अनुकूलित कर सकते हैं.
इस कंफेड के चेयरमैन नर्मदेश्वर लाल, सेक्रेटरी संग्राम आर चौधरी कार्यकारी निदेशक एनडीडीबी ने कहा कि एनडीडीबी दूध उत्पादकों के लिए हमेशा तत्पर है. एनडीडीबी की ओएफडी तृप्ति पारूल भी शामिल थीं.
इस कार्यशाला में वैशाली पाटलिपुत्र दुग्ध सहकारी संघ के द्वारा लिखित किसान जागरूकता व पशु प्रबंधन एवं दूध की कहानी, गाय की जुबानी नामक पुस्तक का विमोचन किया गया.
इस कार्यशाला में नालंदा के नीरपुर, जलालपुर दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति, पटना के परसा दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति और वैशाली के महिला करनौती दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति के अध्यक्षों को संतुलित आहार पर बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया.
इस कार्यशाला में वैशाली पाटलिपुत्र दुग्ध सहकारी संघ के अंतर्गत नालंदा, नवादा, शेखपुरा, वैशाली और पटना के पांच हजार किसानों के अलावा आरा से काफी संख्या में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया. धन्यवाद ज्ञापन सुधीर कुमार सिंह ने किया. स्वागत भाषण एमडी मीणा ने किया.
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