दर्जा तो मिला है रेलवे स्टेशन का,स्थिति हाल्ट से भी बदतर

Updated at : 05 May 2015 7:06 AM (IST)
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दर्जा तो मिला है रेलवे स्टेशन का,स्थिति हाल्ट से भी बदतर

कई बुनियादी सुविधाओं का है घोर अभाव, उपेक्षा का आरोप पूर्व मध्य रेलवे के हाथों संचालित बख्तियारपुर-राजगीर रेल खंड आज भी विकास की बांट जोह रहा है.करीब 53 किलोमीटर के इस रेल खंड पर प्रत्येक दिन बीस गाड़ियां दौड़ लगाती है.इस रेल खंड का तीन ठहराव अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल के नाम से विश्व में विख्यात […]

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कई बुनियादी सुविधाओं का है घोर अभाव, उपेक्षा का आरोप
पूर्व मध्य रेलवे के हाथों संचालित बख्तियारपुर-राजगीर रेल खंड आज भी विकास की बांट जोह रहा है.करीब 53 किलोमीटर के इस रेल खंड पर प्रत्येक दिन बीस गाड़ियां दौड़ लगाती है.इस रेल खंड का तीन ठहराव अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल के नाम से विश्व में विख्यात है.जिला मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर पर स्थित पावापुरी रेलवे स्टेशन कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है
प्लेटफॉर्म रात में डूब जाता है अंधेरे के आगोश में पानी व शौच की भी व्यवस्था नहीं
बिहारशरीफ. पावापुरी हाल्ट को 18 दिसंबर 2014 में ‘हाल्ट स्टेशन’ से क्रॉसिंग स्टेशन में परिणत किया गया.पावापुरी जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक पवित्र स्थल है. इसे आपापुरी यानी निष्पाप नगरी भी कहा जाता है.पावापुरी में जैन धर्म के अंतिम र्तीथकर भगवान महावीर ने अपनी अंतिम सांस ली और यही पर लगभग 500 ईसा पूर्व इनका दाह संस्कार किया गया. जैन धर्म के अनुयायियों इस रेलखंड की यात्रा हमेशा करते रहते हैं.
यहां से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर कुडंलपुर स्थित है.पावापुरी रेलवे स्टेशन कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है.सूर्य के डूबते ही यह यह स्थल अंधेरे में डूब जाता है.पावापुरी रेलवे स्टेशन के सटे ही सुपर ग्रिड है,बावजूद इसके स्टेशन परिसर पर रोशनी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है.स्टेशन परिसर पर यूं तो यात्रियों के लिए तीन हैंड पंप लगाये गये हैं,जिसमें से दो कई माह से खराब पड़ा है.
स्टेशन परिसर पर शौच के लिए किसी तरह का साधन नहीं हैं,इससे महिला यात्रियों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ता है.पर्यटक स्थल होने के नाते इस स्टेशन पर सभी गाड़ियों का ठहराव है.पर्याप्त रोशनी नहीं रहने से असामाजिक तत्व हमेशा हावी रहते हैं.नाम न छापने की शर्त पर एक रेल के पदाधिकारी ने बताया कि स्टेशन परिसर पर आये दिन चेन स्नैचिंग की घटनाएं घटती रहती है.
पटना से आगे की नहीं मिलती है टिकट
पावापुरी रेलवे स्टेशन से यात्रियों को पटना से आगे के लिए टिकट नहीं मिल पाता है.स्टेशन पर टिकट काटने का काम एजेंट द्वारा कराया जाता है.जिसे हाल्ट एजेंट कहा जाता है.आरक्षण सुविधा को लेकर यहां सभी तरह की मशीन लगायी तो गयी है,लेकिन पर्याप्त विद्युत नहीं रहने के कारण इस सेवा से लोग आज भी वंचित हैं.
हाल क्रॉसिंग का
पावापुरी रेलवे स्टेशन से बिहारशरीफ की ओर एक बड़ा क्रॉसिंग है.यह क्रॉसिंग राष्ट्रीय राज मार्ग 31 के बीच में पड़ता है.क्रॉसिंग से पार करने वाली सड़क समतल नहीं है.
रेलवे ट्रैक से जुड़ी सड़क के समतल नहीं होने से बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है.कई बार क्रॉसिंग के समय ट्रेन का एक्सेल टूट गया है.इस बात की जानकारी रेलवे के वरीय अधिकारियों को कई बार उपलब्ध कराया जा चुका है.
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