भूकंप पीड़ित पीयेंगे नालंदा का दूध

Updated at : 29 Apr 2015 11:21 PM (IST)
विज्ञापन
भूकंप पीड़ित पीयेंगे नालंदा का दूध

तीन महीने तक खराब नहीं होने वाला यूएचटी दूध भेज रहा भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर बिहार के लोगों की मदद को कई संस्थानों ने हाथ बढ़ाये हैं. इसी कड़ी में राज्य सरकार के आदेश के बाद नालंदा डेयरी भी मदद को आगे आया है. भूकंप पीड़ित तीन जिलों पटना, बेतिया और सीतामढ़ी के […]

विज्ञापन
तीन महीने तक खराब नहीं होने वाला यूएचटी दूध भेज रहा
भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर बिहार के लोगों की मदद को कई संस्थानों ने हाथ बढ़ाये हैं. इसी कड़ी में राज्य सरकार के आदेश के बाद नालंदा डेयरी भी मदद को आगे आया है. भूकंप पीड़ित तीन जिलों पटना, बेतिया और सीतामढ़ी के लोगों के लिए नालंदा डेयरी ने दूध पाउडर के साथ तीन महीने तक खराब नहीं होने वाला यूएचटी दूध भेज रहा है.
बिहारशरीफ : एनएच 32 पर पुलिस लाइन के पास स्थित नालंदा डेयरी परिसर में दो वाहन खड़े हैं. इन दोनों पर दूध के पैकेट लोड हो रहे हैं. नालंदा डेयरी के अधिकारी के साथ सदर प्रखंड के अंचलाधिकारी वाहन पर लोड कर रहे कर्मियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं. कौन सा पैकेट कहा रखना है और कैसे रखना है यह कर्मियों को बताने में व्यस्त हैं.
नालंदा डेयरी परिसर में हलचल देख प्रभात खबर की टीम वहां पहुंची और जानकारी प्राप्त की तो बताया गया कि यहां से बिहार के भूकंप पीड़ित लोगों की मदद के रूप में पूर्व में दूध पाउडर भेजा गया था, अब खराब न होने वाला दूध भेजा जा रहा है. नालंदा डेयरी के अधिकारी ने बताया कि पटना समेत उत्तर बिहार के दो जिलों बेतिया व सीतामढ़ी के भूकंप प्रभावित लोगों के लिए दूध भेजा जायेगा. फिलहाल बेतिया जिले के भूकंप पीड़ित लोगों के लिए दूध भेजा जा रहा है. राज्य सरकार के आह्वान पर यह कदम उठाया गया है.
भेजा जा रहा 75 सौ लीटर दूध
भूकंप प्रभावित जिलों में भूकंप से काफी संख्या में मकान ध्वस्त हुए हैं तथा बड़ी संख्या में जान माल की क्षति पहुंची है. भूकंप पीड़ित लोगों के बीच पोषण युक्त खाद्य पदार्थ की समस्या उत्पन्न हो गयी है. इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रथम चरण में बेतिया जिले के लिए 75 सौ लीटर दूध भेजा जा रहा है. भेजी जा रही अल्ट्रा हाइ ट्रीटमेंट मिल्क (यूएचटी) की खासियत यह है कि सामान्य परिस्थिति में भी यह दूध 90 दिनों तक खराब नहीं होगा.
पूर्व में भेजा गया छह टन दूध पाउडर
इसके पूर्व नालंदा डेयरी द्वारा भूकंप पीड़ित लोगों के लिए छह टन दूध पाउडर भेजा गया था. जिन जिलों को दूध पाउडर भेजा गया है, उनमें पटना के अलावा बेतिया व सीतामढ़ी शामिल हैं.
दूध का पाउडर व दूध भूकंप प्रभावित जिलों के डीएम के पास भेजा रहा है. जहां से यह दूध प्रभावित लोगों के बीच बांटी जायेगी.
अधिकारियों के अनुसार
‘‘ राज्य सरकार के निर्देश पर सूबे में भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों के लोगों की मदद के लिए नालंदा डेयरी आगे आया है. नालंदा डेयरी से पूर्व में छह टन दूध का पाउडर पटना, बेतिया व सीतामढ़ी जिले को भेजा गया था. बुधवार को 75 सौ लीटर यूएचटी दूध बेतिया भेजी जा रही है.’’
एके सिंह,चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, नालंदा डेयरी
‘‘ भूकंप प्रभावित लोगों की मदद को दूध भेजने के लिए नालंदा डेयरी द्वारा दो वाहन उपलब्ध कराने की मांग जिला प्रशासन से की गयी थी. नालंदा डेयरी की इस मांग पर जिला प्रशासन द्वारा दो गाड़ियां उपलब्ध करा दी गयी है. इन गाड़ियों पर बेतिया जिले के भूकंप प्रभावित लोगों के लिए दूध लोड किया जा रहा है. इसकी जिम्मेवारी मुङो सौंपी गयी थी.’’
योगेंद्र प्रसाद,अंचलाधिकारी, बिहारशरीफ
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन