नम आंखों से दारोगा के पार्थिव शरीर को दी गयी सलामी
Updated at : 26 Apr 2019 8:00 AM (IST)
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बिहारशरीफ/नूरसराय : नूरसराय थाने में पदस्थापित एएसआइ पवन कुमार की सड़क हादसे में मौत से हर पुलिसकर्मी स्तब्ध है. सदर अस्पताल में अंत्यपरीक्षण के बाद पवन का शव पुलिस लाइन में पहुंचते ही वहां हर किसी की आंखें नम हो गयीं. कुछ पुलिसकर्मियों की आंखों में ट्रक चालक के प्रति गुस्सा भी दिखा. मौजूद पुलिस […]
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बिहारशरीफ/नूरसराय : नूरसराय थाने में पदस्थापित एएसआइ पवन कुमार की सड़क हादसे में मौत से हर पुलिसकर्मी स्तब्ध है. सदर अस्पताल में अंत्यपरीक्षण के बाद पवन का शव पुलिस लाइन में पहुंचते ही वहां हर किसी की आंखें नम हो गयीं. कुछ पुलिसकर्मियों की आंखों में ट्रक चालक के प्रति गुस्सा भी दिखा. मौजूद पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने मृतक एएसआइ पवन के पार्थिव शरीर पर फूल-माला चढ़ाकर उन्हें अश्रुपूर्ण नेत्रों से अंतिम विदाई दी.
दुख की इस बेला में एसपी नीलेश कुमार, सदर डीएसपी इरामन परवेज, विधि व्यवस्था डीएसपी संजय कुमार, पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जय गोविंद सिंह यादव, मुक्ति देव निराला, धर्मेंद्र कुमार, बजरंगी कुमार, नूरसराय थानाध्यक्ष अभय कुमार, दीपनगर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, भागन बिगहा ओपी प्रभारी आलोक कुमार समेत दर्जनों पुलिस पदाधिकारी एवं जवान उपस्थित थे.
पवन के बड़े भाई हैं किसान तो मंझले भाई दारोगा
मृतक पवन का भतीजा मृत्युंजय कुमार ने बताया कि उनके चाचा पवन कुल तीन भाई हैं. इनमें से बड़े भाई दिनेश प्रसाद किसान हैं. दूसरे व मंझले भाई ललन कुमार हैं. ललन अभी देवघर के चित्रा थाने में दारोगा हैं. उन्होंने बताया कि पवन अपने भाइयों में सबसे छोटा थे.
28 फरवरी को ड्यूटी जाने के दौरान सड़क हादसे में दारोगा कार्तिक की हुई थी मौत
एएसआइ पवन की मौत के दो माह पहले एएसआइ कार्तिक की सड़क हादसे में मौत हो गयी थी. बता दें कि कार्तिक कुमार सरमेरा थाने में एएसआइ के पद पर कार्यरत थे. लेकिन, वह 28 फरवरी की अहले सुबह सरमेरा थाना लौट रहे थे. इसी दौरान एक तेज रफ्तार से आ रहे माल वाहक वाहन ने एएसआइ कार्तिक को रौंद दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी थी. कार्तिक झारखंड के धनबाद जिले के बरटांड़ मोहल्ला के रहने वाले थे.
दूसरी पुत्री लक्ष्मी के लिए पवन खोज रहे थे वर
मृतक एएसआइ पवन के सहपाठी एवं करीबी दोस्त राम प्रकाश सिंह भी पुलिसलाइन में पहुंचे थे. पवन का भतीजा मृत्युंजय कुमार भी उनके पास था. पवन के दोस्त राम प्रकाश ने बताया कि पवन की कुल पांच संतानों में चार पुत्री व एक पुत्र है. इनमें से सिर्फ बड़ी पुत्री मीनाक्षी की शादी हुई है. दूसरी पुत्री लक्ष्मी की शादी के लिए उनके दोस्त पवन अच्छे वर की तलाश कर रहे थे.
पिता के अचानक मौत की खबर से उनके छोटी पुत्री मीनू व ममता भी सदमे में है. मृतक की पत्नी मीरा कुमारी के आंसू थम नहीं रहे हैं. इधर, डबडबायी आंखों को छिपाये राम प्रकाश ने बताया कि उन्होंने सपने में भी अपने दोस्त पवन के साथ ऐसी अप्रिय घटना की उम्मीद नहीं की थी.
मृतक पवन के भतीजा मृत्युंजय ने बताया कि उनके चाचा पवन का इकलौता पुत्र निशांत वत्स नयी दिल्ली में बी-टेक कर रहा है. इधर, नूरसराय बीडीओ राहुल कुमार, सीओ अमलेश कुमार, प्रखंड जदयू अध्यक्ष राजकुमार प्रसाद, जदयू नेता राजेंद्र प्रसाद, प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद, बबलू कुमार, सुनील दत्त आदि ने दारोगा पवन की मौत पर दुख व्यक्त किया है.
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