शिक्षक नियोजन में बड़े फर्जीवाड़े की जतायी आशंका

Updated at : 05 Mar 2019 5:19 AM (IST)
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शिक्षक नियोजन में बड़े फर्जीवाड़े की जतायी आशंका

उज्जवलानंद गिरि, बिहारशरीफ : जिले के आरटीआइ (राइट टू इन्फॉर्मेशन) कार्यकर्ता धनंजय कुमार उर्फ गुड्डू कुमार ने एक बार फिर सिलाव प्रखंड के मध्य विद्यालयों में कार्यरत 127 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को फर्जी बताकर जिला लोक शिकायत निवारण में परिवाद दायर किया है. इससे जिले के फर्जी नियोजित शिक्षकों में हड़कंप मच गया है. इसका […]

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उज्जवलानंद गिरि, बिहारशरीफ : जिले के आरटीआइ (राइट टू इन्फॉर्मेशन) कार्यकर्ता धनंजय कुमार उर्फ गुड्डू कुमार ने एक बार फिर सिलाव प्रखंड के मध्य विद्यालयों में कार्यरत 127 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को फर्जी बताकर जिला लोक शिकायत निवारण में परिवाद दायर किया है. इससे जिले के फर्जी नियोजित शिक्षकों में हड़कंप मच गया है.
इसका प्रमुख कारण है कि धनंजय कुमार द्वारा पूर्व में भी लगभग दर्जन भर फर्जी नियोजित शिक्षकों का खुलासा कर उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाया है.
अब इस नये परिवाद में धनंजय कुमार ने लोक शिकायत निवारण को सिलाव प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत 127 नियोजित शिक्षक-शिक्षिकाओं के टीइटी प्रमाणपत्रों को फर्जी करार देते हुए गंभीर सूचना उपलब्ध कराने के साथ-साथ फर्जी होने का प्रमाणपत्र भी दिया है.
यदि जांच में सचमुच में ये शिक्षक फर्जी टीइटी प्रमाणपत्र पर नियुक्त पाये जाते हैं तो इनकी नौकरी जानी तय है तथा इन पर विभाग द्वारा प्राथमिकी भी दर्ज करायी जा सकती है. इन शिक्षकों पर वेतन वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है. दूसरी ओर जिले में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर फर्जी नियोजित शिक्षकों के पकड़े जाने से अन्य प्रखंडों में भी नियोजन पर संदेह गहरा हो जायेगा.
हालांकि पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिले के नियोजित शिक्षकों की निगरानी विभाग द्वारा जांच भी की जा रही है, जिसमें लाख कोशिशों के बाद भी विभिन्न नियोजन इकाइयों द्वारा लगभग 500 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का फोल्डर अब तक जमा नहीं कराया गया है. निगरानी जांच पूर्ण होने के पहले ही फर्जी टीइटी प्रमाणपत्रों पर नौकरी कर रहे लगभग दो दर्जन से अधिक नियोजित शिक्षकों की सेवा शिक्षा विभाग द्वारा समाप्त कर दी गयी है.
सिलाव प्रखंड के 127 शिक्षकों के टीइटी सर्टिफिकेट फर्जी होने का किया दावा
आरटीआइ कार्यकर्ता ने सबूत के साथ लोक शिकायत निवारण में किया परिवाद दायर
डीइओ ने बीइओ से पूछा नियोजन इकाइयों का नाम
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मांगी बीइओ से रिपोर्ट
जिला लोक शिकायत निवारण केंद्र के निर्देश पर डीइओ मनोज कुमार ने सिलाव बीइओ से रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने सभी 127 शिक्षकों के नाम तथा कार्यरत विद्यालयों के नामों की सूची सौंपकर उनसे सभी के नियोजन इकाइयां की मांग की है. 06 मार्च को ही जिला लोक शिकायत निवारण में परिवादी द्वारा दायर मामले की सुनवाई होनी है.
दूसरे के प्रमाणपत्र पर कर रहे हैं नौकरी
सिलाव प्रखंड के 127 नियोजित शिक्षकों के बारे में आवेदक द्वारा दावा किया गया है कि वे दूसरे टीइटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के नाम पर नियोजित हैं. इनमें से कई शिक्षकों का टीइटी प्रमाणपत्र में दिये गये नाम, पिता का नाम अथवा दोनों मेल नहीं खाता. कई के प्रमाणपत्र पर नॉट क्वालिफाइड लिखा है, जबकि वे नियोजन में उत्तीर्ण दिखाकर शामिल हुए हैं.
हद तो इस बात की है कि कई महिला शिक्षिका पुरुष अभ्यर्थी के टीइटी प्रमाणपत्र संख्या पर नियोजित हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला लोक शिकायत निवारण केंद्र से प्राप्त सूची के आधार पर नियोजित शिक्षकों की नियोजन इकाइयों की जानकारी मांगी गयी है. इसके बाद ही मामले की छानबीन की जायेगी.
मनोज कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा
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