शैक्षणिक व्यवस्था दुरुस्त करने निकले पीपीयू कुलपति, निरीक्षण के दौरान प्राचार्य समेत कई अनुपस्थित, कारण बताओ नोटिस जारी
निरीक्षण करते कुलपति
Patliputra University : पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने किसान कॉलेज सोहसराय और नालंदा कॉलेज का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान किसान कॉलेज के प्राचार्य, बर्सर समेत कई शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जबकि नालंदा कॉलेज में कक्षाएं बंद मिलीं. विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है.
पटना से अंबर की रिपोर्ट
Patliputra University : पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (PPU) से संबद्ध कॉलेजों में शैक्षणिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह का औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी है. बुधवार को निरीक्षण के तीसरे दिन कुलपति ने किसान कॉलेज सोहसराय और नालंदा कॉलेज का दौरा कर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
किसान कॉलेज में प्राचार्य और बर्सर अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान किसान कॉलेज सोहसराय के प्राचार्य प्रो. दिवांशु कुमार, बर्सर आनंद शंकर समदर्शी, समाजशास्त्र विभाग के डॉ. विजय कुमार तथा अवधेश कुमार द्विवेदी अनुपस्थित पाए गए. वहीं नालंदा कॉलेज में कक्षाएं बंद मिलीं, जिस पर कुलपति ने नाराजगी जताई.
परीक्षा व्यवस्था और कक्षाओं की समीक्षा
कुलपति ने यूजी सेमेस्टर-4 की चल रही परीक्षा व्यवस्था, कक्षाओं की स्थिति, शिक्षकों एवं कर्मियों की उपस्थिति के साथ शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की. उन्होंने परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्राधीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
छात्रों से जाना समस्याओं का हाल
निरीक्षण के दौरान कुलपति ने छात्रों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली. साथ ही कॉलेज परिसर की स्वच्छता, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी निरीक्षण किया.
अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
कुलसचिव प्रो. अबु बकर रिजवी ने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों में नियमित रूप से औचक निरीक्षण जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि अनुपस्थित पाए गए प्राचार्य, बर्सर और शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है. विश्वविद्यालय शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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लेखक के बारे में
By Nikhil Anurag
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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