बिहारशरीफ में खुला सूबे का पहला बाल मित्र थाना, बाल कैदियों को मिलेगी टॉफी और बिस्कुट

भवन की दीवारों पर की गयी है कृष्ण व हनुमान के बाल स्वरूप की मनमोहक पेंटिंग बिहारशरीफ : शरारती बच्चों का मन मस्तिष्क परिपक्व नहीं होता है. भूलवश ऐसे बच्चे नासमझी में छोटे-मोटे अपराध कर जाते हैं. अमूमन ऐसे बच्चों में पछतावा भी नहीं होता है लेकिन अब ऐसे बच्चों के लिए बाल मित्र थाना […]
भवन की दीवारों पर की गयी है कृष्ण व हनुमान के बाल स्वरूप की मनमोहक पेंटिंग
बिहारशरीफ : शरारती बच्चों का मन मस्तिष्क परिपक्व नहीं होता है. भूलवश ऐसे बच्चे नासमझी में छोटे-मोटे अपराध कर जाते हैं. अमूमन ऐसे बच्चों में पछतावा भी नहीं होता है लेकिन अब ऐसे बच्चों के लिए बाल मित्र थाना खुल गया है. ये बातें बिहारशरीफ किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र ने कहीं. वे रविवार को नगर थाने के नवनिर्मित भवन में सूबे के पहले बाल मित्र थाने के उद्घाटन मौके पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि इस थाने में बाल कैदी हथकड़ी में नहीं लगाये जायेंगे. यहां बच्चों को घर व प्ले स्कूल जैसा माहौल मिलेगा.
बाल कैदियों की काउंसेलिंग भी की जायेगी. बाल थाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि यहां पहुंचे बाल कैदियों को समझा-बुझाकर उनके जीवन को एक सही दिशा में मोड़ दिया जाये, ताकि आगे चलकर वे समाज व देश की मुख्य धारा में जुड़कर अपने भविष्य को संवार सकें. न्यायिक दंडाधिकारी श्री मिश्रा ने कहा कि बाल मित्र थाने में प्रभारी की जगह बाल कल्याण को प्रतिनियुक्त किया गया है.
राजगीर व हिलसा में भी खुलेंगे बाल मित्र थाने
जल्द ही जिले के राजगीर व हिलसा अनुमंडल में भी एक- एक बाल मित्र थाने का गठन किया जायेगा. मौके पर एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने कहा कि बाल मित्र थाने के खुल जाने से बाल कैदी सुधर सकेंगे. खाकी के प्रति बच्चों में गलत धारणा या इससे संबंधित भय भी नहीं रहेगा.
बाल मित्र थाने का गठन एक अच्छी पहल है. इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक ब्रजेश मिश्रा, सदस्य धर्मेंद्र कुमार, सदर डीएसपी इमरान परवेज, चंडी सर्किल इंस्पेक्टर शेर सिंह यादव, बिहार सर्किल इंस्पेक्टर उदय शंकर, बिहार थानाध्यक्ष अशोक कुमार, बाल मित्र थाने के बाल कल्याण पदाधिकारी जितेंद्र कुमार, लहेरी थानाध्यक्ष बीरेंद्र प्रसाद, सोहसराय थानाध्यक्ष नंद किशोर समेत कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे.
बाल कैदियों को मिलेगी टॉफी और बिस्कुट
यहां प्रतिनियुक्त पुलिस कर्मी सादे ड्रेस में ही रहेंगे और बाल कैदियों से मित्रवत व्यवहार करेंगे. ऐसे में यहां बाल कैदियों को डांट- डपट व लप्पड़- थप्पड़ की जगह उन्हें सरल व सहज ढंग से समझाया जायेगा. दीवारों पर कृष्ण व हनुमान के बाल स्वरूप की मनमोहक पेंटिंग की गयी है. उन्होंने कहा कि विधि विरुद्ध किशोर या पीड़ित बच्चे बाल मित्र थाने में खुद काे असहज महसूस नहीं करेंगे. बालकैदियों के लिए यहां टॉफी, बिस्कुट व खेल के कई सामान उपलब्ध कराये गये हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




