बालू की तस्करी धड़ल्ले से

Updated at : 22 Dec 2017 3:53 AM (IST)
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बालू की तस्करी धड़ल्ले से

आरोप. सौ सीएफटी बालू के लिए 6.50 रुपये का चालान बिहारशरीफ : तस्करी के कई स्वरूप हैं. जैसे सोना, चांदी, हीरे, चरस, गांजा, अफीम बगैरह. एक जमाना था जब सोने चांदी की स्मगलिंग की जाती थी. इसी श्रेणी में बालू भी अब शामिल हो गया है. जिले में बालू की स्मगलिंग धड़ल्ले से की जा […]

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आरोप. सौ सीएफटी बालू के लिए 6.50 रुपये का चालान

बिहारशरीफ : तस्करी के कई स्वरूप हैं. जैसे सोना, चांदी, हीरे, चरस, गांजा, अफीम बगैरह. एक जमाना था जब सोने चांदी की स्मगलिंग की जाती थी. इसी श्रेणी में बालू भी अब शामिल हो गया है. जिले में बालू की स्मगलिंग धड़ल्ले से की जा रही है. प्रशासन डाल-डाल तो बालू तस्कर पात-पात. इन दिनों सोने से भी ज्यादा डिमांड बालू की हो गयी है. नियमों व प्रशासन का भय दिखाकर बालू माफिया लोगों को खूब चूना लगा रहे हैं. साधारण तरीके से मिलने वाले बालू को कानून का भय दिखाकर मुंह मांगी कीमत वसूल की जा रही हैं.
वैसे खनन के प्रभारी सहायक निदेशक रवीद्र राम का कहते हैं कि बालू की कोई किल्लत नहीं हैं. कोई भी व्यक्ति जिले की चिहिंत बालू घाटों पर जाकर सहज तरीके से चलान कटाकर बालू ले जा सकते हैं. उनका कहना है कि ट्रैक्टर बालू के लिये 6.50 रुपये का महज चलान कटानी होगी. एक ट्रैक्टर में 100 सीएफटी बालू लोड करने का प्रावधान हैं. उनका यह भी कहना है कि ट्रैक्टर का भाड़ा इसमें जुड़ा हुआ नहीं होता है. ट्रैक्टर का भाड़ा क्या होगा इसका निर्धारण करना परिवहन कार्यालय का काम है. खैर दो विभागों की चक्की में आम आदमी को आज एक ट्रैक्टर बालू के लिये तीन से लेकर पांच हजार रुपये तक भरना पड़ रहा है. आम आदमी को बालू नहीं मिलने की बात कहकर आर्थिक दोहन जारी है. बालू का अवैध धंधा करने वाले लोग भी इतने शातिर हो गये हैं. मेन रोड से बालू लेकर जाने के स्थान पर लुप मार्ग का इस्तेमाल लोग खूब करते हैं. अमूमन होता यह है कि बालू के अवैध धंधे पर रोक लगाने के लिये प्रशासन के द्वारा कार्रवाई तेज कर दी गयी है. प्रशासन की नजर से बचने के लिये बालू माफिया लुप मार्ग का प्रयोग करते है. खास बात यह भी हैं कि अहले सुबह इस तरह धंधा खुब हो रहा है.
जिले में 150 लोगों को दिया जाना था लाइसेंस : नये नियम के अनुसार जिले में 150 लोगों को लाइसेंस दिया जाना था. चयनित इन लोगों के द्वारा ही बालू की बिक्री की जानी थी. परंतु इस पर कोर्ट ने विराम लगा दिया है. हालांकि प्रशासन के द्वारा चयन की सभी प्रक्रिया को पूरी कर ली गयी थी. बस लाइसेंस जारी करना ही शेष था. कहा गया था कि दिसंबर माह से बालू की बिक्री कार्य केंद्रित स्थल से की जायेगी.प्रशासन की देखरेख में बालू की बिक्री करने के लिये स्टॉक केंद्र का चयन भी कर लिया गया था. लाइसेंस लेने लिये अनपढ़ से लेकर उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त युवकों ने आवेदन किया था.
बताया जाता है कि जिन लोगों ने लाइसेंस के लिये आवेदन दिया है उन लोगों में भी भारी नाराजगी है.
नये नियमों के अनुसार प्रखंडों के लिये निर्धारित यूनिट
बिहारशरीफ 15,हरनौत 08,रहुई 07,सरमेरा 05
बिन्द 06,नूरसराय 07,अस्थावां 06,हिलसा 11,थरथरी 04
चंडी 08,इस्लामपुर 09,करायपरसुराय 05,परबलपुर 07
नगरनौसा 05,एकंगरसराय 08,राजगीर 11,सिलाव 07,वेन 04,कतरीसराय 05,गिरियक 10
छज्जु मोहल्ले के रास्ते बालू की तस्करी
नगर निगम के पूर्व उपमेयर नदीम जफर बताते है कि छज्जु मोहल्ले के रास्ते बालू की तस्करी खूब हो रही है. गलत से तरीके से बालू लेकर जाने के चक्कर में मंगलवार को एक ट्रैक्टर वाले ने छज्जु मोहल्ले के तालाब पर स्थित मस्जिद में धक्का भी मार दिया था.
दस दिनों में दस पर एफआईआर
बालू के अवैध कारोबार को रोकने के क्रम में पिछले दस दिनों में दस लोगों पर खनन विभाग ने कार्रवाई की है. साथ ही 30 ट्रैक्टरों को भी जब्त किया गया है.
जिले के प्रमुख बालू घाट
जियर, इटौरा, तेतरावां, घोस्तावा. सिगंथु, कोरथु, मंडाछ, पकड़ी, धोड़ाकटोरा, पावाडीह, भगवानपुर, रानीसराय, नानंद, साइडपर, मौलानाबिगहा, करमू बिगहा, दीपनगर, सरमेरा, गुलनी, अंडी
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