आखिरकार केस दर्ज, सामान समेटकर भाग चुकी है कंपनी

Updated at : 10 Mar 2025 1:31 AM (IST)
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आखिरकार केस दर्ज, सामान समेटकर भाग चुकी है कंपनी

आखिरकार केस दर्ज, सामान समेटकर भाग चुकी है कंपनी

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वाइफाई टावर लगाने के नाम पर 20 लोगों से अधिक को ठगा

सदर थाने में पीड़ितों ने पहुंच कर अपना बयान कराया दर्ज

गोबरसही में चल रहा था कंपनी का कार्यालय, अब है ताला

संवाददाता, मुजफ्फरपुर

वाइफाई टावर लगाने के नाम पर 20 लोगों से अधिक को ठगने के मामले में आखिरकार केस दर्ज हो ही गया. करोड़ों रुपये के ठगी के इस मामले में पीड़ितों ने अपना बयान थाना में दर्ज कराया है. गोबरसही में चल रहे कंपनी के कार्यालय में अब ताला लग गया है.

टावर लगाने का झांसा देकर मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर समेत अन्य जिलों में करोड़ों रुपये ठगे गये हैं. हत्था थाना के मुन्ना बंगरी निवासी राम ललित राय के लिखित आवेदन पर सदर थाने में यह केस दर्ज हुआ है. सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही में चल रहे कंपनी के अधिकारियों के द्वारा यह फर्जीवाड़ा किया गया है. प्राथमिकी में ठगी के शिकार जिले के अलग-अलग प्रखंडों के 20 से अधिक पीड़ितों का भी नाम इसमें आया है. रविवार को सभी पीड़ित सदर थाने पहुंच कर अपना बयान दर्ज कराये. इससे पहले पीड़ितों ने एसएसपी कार्यालय पहुंच कर आवेदन दिया था. सदर थानेदार अस्मित कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन की जा रही है.

टावर लगाने के बाद चार माह किराया

थाने में दर्ज प्राथमिकी में बंदरा प्रखंड के हत्था के मुन्नी बंगरी निवासी राम ललित राय ने बताया कि टावर लगाने के लिए उनसे संपर्क किया गया. मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रहने वाले कंपनी के डायरेक्टर ने उन्हें उनकी जमीन पर टावर लगाने के लिए कहा. राम को बताया कि आपको डेढ़ लाख रुपये देना होगा. जब राम ने इनकार किया तो डायरेक्टर ने बताया कि आप डेढ़ लाख रुपये जमा करके टावर लगवा लीजिए. आप जो डेढ़ लाख जमा करेंगे, वह चेक से वापस दे देंगे. कंपनी की ओर से डेढ़ लाख रुपये लेकर आठ साल का एग्रीमेंट किया गया. इसमें टावर लगने के बाद प्रत्येक माह आठ हजार रुपये देने की बात कही गयी थी. तीन से चार माह तक किराया दिया. इसके बाद पैसा देना बंद कर दिया. चेक से पैसा लौटाने का समय आया तो डायरेक्टर टालमटोल करने लगा. उसके द्वारा दिये गये डेढ़ लाख रुपये का चेक बाउंस कर गया. गोबरसही स्थित कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि कंपनी अपना कारोबार समेट कर चली गयी है.

ये लोग हो गये ठगी के शिकार

बरियापुर की रेखा, रतवारा के अमृतेश कुमार, बरियारपुर के राजीव राम, गायघाट वदेया के रणवीर राय, छपरा गोविंदपुर के संजीत कुमार, पीयर रतनमनिया गांव के विकास कुमार, चांदपुरा के निभा द्विवेदी, समस्तीपुर पूषा के मिथिलेश कुमार, गायघाट जांता के सुंद्रिका देवी, समस्तीपुर मालीनगर के ब्रजेश कुमार, गायघाट सुस्ता टोक की चिंता देवी, बैंगरी के राम ललित राय, गायघाट के कुमुदलता यादव, समस्तीपुर वारिश नगर के कमलेश राय, कल्याणपुर के रानी कुमारी, हत्था के सुशांत सुमन, अर्चना व पीयर के राजेश सिंह आदि शामिल है.

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