खत्म नहीं हो रहा इ-चालान का झंझट, जमीन रजिस्ट्री हो रही प्रभावित

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खत्म नहीं हो रहा इ-चालान का झंझट, जमीन रजिस्ट्री हो रही प्रभावित

The hassle of e-challans continues unabated, affecting land registration.

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::: शुरुआती दो-तीन दिनों तक स्थिति के सामान्य होने के बाद फिर बेपटरी हुई रजिस्ट्री की प्रक्रिया, ऑनलाइन चालान की राशि जमा करने में परेशानी

::: नया पेमेंट पोर्टल आरएमएस (रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम) को सरकार ने किया है विकसित

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बिहार सरकार के नये पेमेंट पोर्टल आरएमएस (रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम) की शुरुआत के बावजूद, मुजफ्फरपुर रजिस्ट्री कार्यालयों में स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है. रजिस्ट्री प्रक्रिया के लिए जरूरी इ-चालान जमा करने में हो रही लगातार परेशानी के कारण जमीन की रजिस्ट्री का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. रजिस्ट्री की संख्या पहले की तुलना में काफी कम हो गई है. सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि लोग इ-चालान (रजिस्ट्री शुल्क) जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते उन्हें ऑनलाइन अपॉइंटमेंट नहीं मिल पा रहा है. इसका सीधा असर स्लॉट बुकिंग पर पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार, रजिस्ट्री के लिए रोज 100 से 150 तक स्लॉट खाली जा रहे हैं. जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने स्वीकार किया कि पोर्टल में फिर से दिक्कतें आ रही हैं. उन्होंने बताया कि फिलहाल सिर्फ छोटे दस्तावेजों की रजिस्ट्री हो पा रही है, जिसके कारण राजस्व संग्रह भी उम्मीद से काफी कम है. हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी. उन्होंने कहा कि एक बार जब आरएमएस पोर्टल सही ढंग से काम करने लगेगा, तो बड़े दस्तावेजों की रजिस्ट्री भी शुरू हो जाएगी, जिससे राजस्व में भी अच्छी-खासी वृद्धि होगी. आरएमएस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है, और इसके सुचारू रूप से काम करने पर मुजफ्फरपुर के नागरिकों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है.

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देवेश कुमार

लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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