मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को मिली रफ्तार, 43 करोड़ में बनेगा रनवे, 2027 से उड़ान की तैयारी
Muzafferpur Airport
Muzaffarpur Airport : उत्तर बिहार की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पटना-दरभंगा पर निर्भरता घटेगी . करीब 57 साल बाद मुजफ्फरपुर से फिर विमान सेवा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, रनवे निर्माण के लिए टेंडर जारी होने से प्रोजेक्ट को गति मिलने की उम्मीद.
Muzaffarpur Airport : करीब पांच दशकों से शांत पड़ा पताही हवाई अड्डा अब एक बार फिर से शुरू होने जा रहा है. सरकार ने मुजफ्फरपुर को हवाई नक्शे पर वापस लाने के लिए कमर कस ली है.
आपके शहर में
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि एयरपोर्ट के रनवे निर्माण के लिए 43.13 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है. यह सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि मुजफ्फरपुर की अर्थव्यवस्था और पहचान को मिलने वाली एक नई उड़ान है.
सीधे लीची की राजधानी पहुंचेंगे आप
अब तक मुजफ्फरपुर या आसपास के जिलों जैसे सीतामढ़ी और शिवहर के लोगों को हवाई यात्रा के लिए घंटों का सफर तय कर पटना या दरभंगा जाना पड़ता था. लेकिन 2027 तक यह तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी.
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने इसके कायाकल्प के लिए कुल 72 करोड़ रुपये का खाका तैयार किया है. इससे न केवल यात्रियों के समय की बचत होगी, बल्कि उनकी जेब पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ भी कम होगा. मुजफ्फरपुर अब सीधे देश के प्रमुख शहरों से जुड़ने की राह पर है.
रनवे निर्माण से एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में आई तेजी
इस प्रोजेक्ट के तहत रनवे के साथ टैक्सीवे, एप्रन, पेरिमीटर रोड, वाहन लेन, आपातकालीन सड़क, सुरक्षा क्षेत्र और अन्य आवश्यक ढांचागत कार्य किए जाएंगे. एयरपोर्ट को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां कोड-2बी श्रेणी के विमान संचालित हो सकें.
हवाई अड्डे का निर्माण कार्य दो महत्वपूर्ण चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में लगभग 28.58 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर, फायर स्टेशन और अंडरग्राउंड संप हाउस जैसी अनिवार्य सुविधाओं का निर्माण होगा.
इसके बाद दूसरे चरण में 43 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रनवे के विस्तार, टैक्सी-वे और विमानों की पार्किंग के लिए खर्च की जाएगी. खास बात यह है कि रनवे की लंबाई 1300 मीटर होगी, जिससे 19 सीटर विमानों का परिचालन सुगम हो सकेगा.
व्यापार, कृषि और पर्यटन को मिलेगा सीधा लाभ
मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है और ‘लीची की राजधानी’ के रूप में जाना जाता है. एयरपोर्ट शुरू होने पर लीची निर्यात को नई गति मिलेगी और स्थानीय कृषि उत्पादों को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचने में सुविधा होगी.
साथ ही सीतामढ़ी, शिवहर और आसपास के जिलों के लोगों को अब पटना या दरभंगा जाने की जरूरत कम पड़ेगी. इससे समय और यात्रा खर्च दोनों में कमी आएगी तथा क्षेत्र में पर्यटन और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.
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