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राजस्व वसूली में फिसड्डी साबित हो रहा रजिस्ट्री ऑफिस, सब रजिस्ट्रार को मिली चेतावनी

Updated at : 03 Oct 2025 8:18 PM (IST)
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राजस्व वसूली में फिसड्डी साबित हो रहा रजिस्ट्री ऑफिस, सब रजिस्ट्रार को मिली चेतावनी

Registry office is proving to be a failure in revenue collection

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::: निबंधक महानिरीक्षक ने जारी किया पत्र, दस बिंदुओं पर कार्रवाई कर राजस्व बढ़ाने का सख्त निर्देश

::: पिछले वर्ष की तुलना में लगभग नौ प्रतिशत अब तक कम हुई है राजस्व की वसूली, मुजफ्फरपुर सहित राज्य के लगभग सभी ऑफिस की स्थिति खराब

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

जमीन रजिस्ट्री के दस्तावेजों के निबंधन से मिलने वाले राजस्व में भारी गिरावट के कारण निबंधन विभाग में हड़कंप मच गया है. निबंधन महानिरीक्षक अंशुल अग्रवाल ने सभी जिला अवर निबंधकों और अवर निबंधकों को पत्र लिखकर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है. लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कार्रवाई की भी कड़ी चेतावनी दी गई है. चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 74.18 प्रतिशत राजस्व की ही वसूली हो पायी है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग नौ प्रतिशत कम है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग ने 9130 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण लक्ष्य निर्धारित किया है. समीक्षा में पाया गया है कि 13 सितंबर तक की अवधि के लिए निर्धारित 4565.00 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 3386.53 करोड़ रुपये की ही प्राप्ति हुई है, जो लक्ष्य का महज 74.18 प्रतिशत है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष में इसी अवधि में 3727.06 करोड़ का राजस्व संग्रहण हुआ था. इस प्रकार, विगत वर्ष की तुलना में इस बार 340.53 करोड़ यानी 09 प्रतिशत कम राजस्व संग्रहित किया गया है. इसके अलावा निबंधित दस्तावेजों की संख्या में भी पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिसे महानिरीक्षक ने गंभीर चिंता का विषय बताया है.

राजस्व बढ़ाने के लिए 10 सूत्री ”एक्शन प्लान” जारी

राजस्व संग्रहण में वृद्धि और निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभाग ने अधिकारियों को तत्काल दस बिंदुओं पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसमें स्थल निरीक्षण को अनिवार्य किया गया है. व्यावसायिक गतिविधि वाले क्षेत्र, आयोजना क्षेत्र में शामिल मौजों और शहरी/पेरिफेरल क्षेत्रों के दस्तावेजों के निबंधन से पूर्व स्थल निरीक्षण कर राजस्व क्षति को रोकने को कहा गया है. इसके अलावा दस्तावेजों की सही जांच का निर्देश दिया गया है. दस्तावेजों में वर्णित संपत्ति का सही वर्गीकरण सुनिश्चित करने और संरचना वाले दस्तावेजों की स्वयं जांच करने की जिम्मेदारी पदाधिकारियों को सौंपी गयी है. प्रति दस्तावेज आय में वृद्धि करने, लंबित नीलामवाद में सन्निहित राशि की वसूली के लिए नीलामवाद पदाधिकारी से संपर्क स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Devesh Kumar

लेखक के बारे में

By Devesh Kumar

I am working as a senior reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on nagar nigam political, social, and current topics.

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