विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर विशेष

Updated at : 16 May 2025 7:13 PM (IST)
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विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर विशेष

40 साल से कम उम्र के हर आठवें व्यक्ति को ब्लड प्रेशर

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40 साल से कम उम्र के हर आठवें व्यक्ति को ब्लड प्रेशर

खास बातें

एक साल में मिले 40 हजार ब्लड प्रेशर के नये मरीज

सदर अस्पताल ने शहर व पीएचसी में कैंप लगा किया था सर्वे

अधिकतर लोग अनजान, जांच हुई तो पता चला कि है बीमारी

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों की संख्या बढ़ रही है. इसके चपेट में अब युवा भी आ रहे हैं. उच्च रक्तचाप से विश्व में हर साल 70 लाख से अधिक मौतें हो रही हैं. भारत में 20 से 40 वर्ष के आयु वर्ग में हर आठवां व्यक्ति बीपी के चपेट में है. अपने शहर में एक साल में 40 हजार ब्लड प्रेशर के नये मरीज मिले हैं. अधिकतर लोगों को यह पता ही नहीं होता है कि वह इस बीमारी से पीड़ित हैं. ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं रखने से ब्रेन हेमरेज जैसी समस्या होती है.

मरीजों की संख्या का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक साल में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगा कर सात लाख 13 हजार 963 लोगों की स्वास्थ्य जांच की थी. इसमें 40 हजार 452 मरीजों में हाइ ब्लड प्रेशर की बीमारी मिली. इन मरीजों को पहले से इस बीमारी की जानकारी नहीं थी. जांच के बाद इन्हें नियमित रूप से दवा खाने की सलाह दी गयी. सदर अस्पताल का एनसीडी सेल लगातार ऐसे मरीजों की पहचान कर रहा है और उन्हें दवा मुहैया करा रहा है. हैरानी की बात यह है कि इन मरीजों में 20 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिनकी उम्र 35 से 50 के बीच है. हाइ ब्लड प्रेशर अब बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही.अनियमित जीवन शैली व खान-पान के कारण युवाओं में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है. बीमारी के विशेष तरह के लक्षण नहीं दिखने पर अधिकतर लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं. जब किसी दूसरी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल जाते हैं और ब्लड प्रेशर की जांच की जाती है तो बीमारी सामने आती है.

सदर अस्पताल में बनाया जा रहा कार्ड

हाइ ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सदर अस्पताल में कार्ड बनाया जा रहा है. इस कार्ड से हर महीने मुफ्त दवाएं भी दी जा रही हैं. मरीज के हर महीने ब्लड प्रेशर का रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है. यह सुविधा ऑनलाइन है. मरीज अगर किसी दूसरे जिले में भी रहता है तो वहां अपने कार्ड से सरकारी अस्पताल में नियमित जांच करा सकता है और दवाएं ले सकता है. इससे मरीजों को सुविधा मिली है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी ओपीडी में आने वाले 35 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों का ब्लड प्रेशर जांच अनिवार्य कर दिया है. एनसीडी सेल ओपीडी के डेटा के आधार पर इसकी मॉनीटरिंग कर रहा है.

सही डाइट, व्यायाम व सात-आठ घंटे की नींद जरूरी

हाइ ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए सही डाइट, व्यायाम व सात-आठ घंटे की नींद जरूरी है. इसके अलावा खान-पान पर ध्यान भी जरूरी है. फल, सब्जियां व साबुत अनाज भरपूर मात्रा में खाएं, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, मछली, मुर्गी, बीन्स और नट्स शामिल करें. पोटेशियम, कैल्शियम व मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं, नियमित व्यायाम करें, तनाव का प्रबंधन करें. हम अपनी जीवन शैली में बदलाव कर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं. इसके लिए हमें डॉक्टर की सलाह लेनी होगी व दवाओं का सेवन नियमित रूप से करना होगा. ::::::::::::::::::::::::::::

हाइ ब्लड प्रेशर के मरीज बढ़ रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर मरीज इस बीमारी से अनजान रहते हैं. जांच में बीमारी की जानकारी मिलती है. पीएचसी स्तर पर कैँप लगा कर ऐसे मरीजों की पहचान की जा रही है और उनका कार्ड बनाया जा रहा है. ब्लड प्रेशर के प्रति सभी को जागरूक होना है और 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को हर छह महीने पर इसकी जांच करानी है.-

डॉ नवीन कुमार, एनसीडी सेल प्रभारी, सदर अस्पतालB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Vinay Kumar

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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