Bihar News: डीजीपी साहेब, सुनिए जीविका दीदी की बात...जानें मंच से सीएम नीतीश कुमार ने आखिर किस ओर दिलाया ध्यान

Published at :29 Dec 2021 8:48 PM (IST)
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Bihar News: डीजीपी साहेब, सुनिए जीविका दीदी की बात...जानें मंच से सीएम नीतीश कुमार ने आखिर किस ओर दिलाया ध्यान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को समाज सुधार अभियान के तहत मुजफ्फरपुर पहुंचे. जीविका दीदियों से संवाद के दौरान जब एक महिला ने अपनी कहानी बतायी तो सीएम ने डीजीपी का ध्यान उस ओर दिलाया.

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समाज सुधार अभियान के तहत मुजफ्फरपुर पहुंचे सीएम ने शराबबंदी, बाल विवाह और दहेज प्रथा पर विशेष तौर से चर्चा की. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर से उन्हें विशेष लगाव है. कई बार वह यहां आ चुके हैं. सरकार बनने के पहले जो अभियान यहां चला था, उसे भूल नहीं सकते हैं. मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली और शिवहर से आयी जीविका दीदीयों से उन्होंने कहा कि लोगों को शराब के दुष्प्रभाव के बारे में अभियान चला कर बताना है. शराब न सिर्फ पैसा छीन लेता है, बल्कि बुद्धि भी हड़प लेता है. शराब पीने वाला इंसान हैवान बन जाता है.

कार्यक्रम के दौरान सीतामढ़ी जिले के सुप्पी प्रखंड के अख्ता गांव से आयी रूबीना खातून से जब शराबबंदी पर अपने गांव की कहानी सुनायी, तो सीएम ने डीजीपी से कहा – सुनिए, जीविका दीदी की बात. कैसे इनके गांव में नदी किनारे शराब की तस्करी होती थी. दरअसल, रूबीना ने एक अपने गांव के पुरुषों के बारे में बताया कि वे नदी किनारे ईंख के खेत में शराब छिपा कर रख देते थे. उनलोगों ने जब विरोध किया, तो एक विकलांग तस्कर सक्रिय हो गया. हालांकि, उसके खिलाफ अभियान चलाया गया. आज रूबीना स्वयं सहायता समूह से जुड़ कर किराने की दुकान चला रही हैं.

सीएम ने कहा कि जब उन्होंने शराबबंदी लागू किया था, तो कहा गया कि यहां पर्यटक ही नहीं आयेंगे. आज स्थिति यह है कि 2019 से अब तक दो करोड़ से अधिक लोग बिहार आ चुके हैं, जबकि दो साल से कोरोना का प्रभाव भी है. उन्होंने महात्मा गांधी के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि वे भी शराब के खिलाफ थे. सीएम ने बाल विवाह से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद देखा कि स्वयं सहायता समूह बिहार में बेहतर तरीके से गठित नहीं था. उन्होंने इसे मजबूत करने के लिए वर्ल्ड बैंक से कर्ज लेकर काम शुरू किया. शुरुआत में दस लाख का लक्ष्य था, लेकिन अभी एक करोड़ सताइस लाख महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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