राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो गयी, लेकिन चुनौतियां अधिक : डॉ. प्रमोद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो गयी, लेकिन चुनौतियां अधिक : डॉ. प्रमोद
-आरडीएस कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर संगोष्ठी
-मुख्य वक्ता ने कहा-बदलाव को स्वीकार करना होगामुजफ्फरपुर.
नयी शिक्षा नीति तो लागू हो गयी, लेकिन चुनौतियां बहुत अधिक हैं. बुधवार को आरडीएस कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता डॉ. प्रमोद कुमार ने यह बातें कहीं. उन्होंने कहा कि बदलती दुनिया में भारत की शैक्षणिक स्थिति सुनिश्चित करने के लिए नयी शिक्षा नीति लागू की गयी है. मानवीय श्रम, कौशल और मूल्यगत प्रतिबद्धता के साथ छात्रों के संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास राष्ट्रीय शिक्षा नीति का घोषित लक्ष्य है. इस लक्ष्य को ध्यान में रखकर शिक्षा व्यवस्था की संरचना में ढांचागत परिवर्तन किया जा रहा है.उच्च शिक्षा की प्रकृति को पूरी तरह से बदलते हुए, उसे बहु अनुशासनिक बनाया जा रहा है, ताकि समाज व राष्ट्र की जरूरत के अनुरूप युवक व युवतियां को प्रशिक्षित किया जा सके. उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति में मुख्य विषय के साथ-साथ आनुषंगिक विषय व क्षमता संवर्धन, कौशल संवर्धन और मूल्यगत शिक्षा को समान महत्व दिया जा रहा है. चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के अलग-अलग सेमेस्टर में भाषिक क्षमता, पर्यावरण शिक्षा, व्यक्तित्व क्षमता योग शिक्षा आदि को जोड़ा गया है. रिसर्च, प्रोजेक्ट व शोध के माध्यम से ज्ञान कौशल को बढ़ाया जा रहा है. अभी हमारी व्यवस्था नयी शिक्षा के अनुरूप तैयार नहीं है. लेकिन हमें बदलाव को स्वीकार करना होगा और चुनौतियों का सामना करना होगा. वहीं डॉ. रामकुमार ने नयी शिक्षा नीति की बारीकियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समझाया. अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य डॉ. अनिता सिंह ने कॉलेज के गौरवमयी इतिहास को विस्तार से बताया. वहीं छात्रों ने नयी शिक्षा नीति पर नाटक की प्रस्तुति की. वही कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति ने किया.
ए- प्लस ग्रेड प्राप्त करना लक्ष्य- कुलपतिकुलपति डॉ. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि कॉलेज का इतिहास काफी गौरवशाली है. यहां के शिक्षक काफी प्रतिभाशाली हैं. शिक्षकेत्तर कर्मचारी की सहभागिता काफी अच्छी है. छात्रों की पहली पसंद का यह कॉलेज नैक की तैयारी में लगे, हम सबों का लक्ष्य ए प्लस ग्रेड प्राप्त करना है. विवि की तरफ से पूरा सहयोग किया जायेगा. उन्होंने बताया कि यहां लगभग छह लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं. 400 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात बैठता है. अभी शिक्षकों की कमी को अतिथि शिक्षक अपने गुणात्मक अध्यापन कार्य से पूरा कर रहे हैं. शोध के क्षेत्र में मिलकर काम करने की जरूरत है. समस्याओं से अवगत करायासंगोष्ठी में बूस्टा महासचिव डॉ. रमेश प्रसाद गुप्ता, कॉलेज शिक्षक सचिव डॉ. एमएन रिजवी, शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के पंकज भूषण ने सामूहिक रूप से शिक्षक एवं कर्मचारी की समस्याओं से कुलपति को अवगत कराया. कार्यक्रम में कुल सचिव डॉ. संजय कुमार, सीसीडीसी डॉ. अमिता शर्मा, प्राचार्य डॉ. ओपी राय, डॉ. श्याम बाबू शर्मा, डॉ रमेश प्रसाद गुप्ता, डॉ रिजवी, प्राचार्य डॉ कनुप्रिया, डॉ. मनोज कुमार, पूर्व प्राचार्य डॉ संजय कुमार, डॉ अरुण कुमार, सेवानिवृत शिक्षकों में डॉ. भारती सिन्हा, डॉ. केके झा, डॉ. केके सिन्हा सहित कई प्रोफेसर उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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