मुजफ्फरपुर: नगर निगम में हड़कंप, ऋशु श्री केस में चार दागी कंपनियों के रिकॉर्ड तीन दिन में तलब 

Updated:
विज्ञापन
Muzaffarpur News Rishu shree case vigilence radar municipal corporation smart city tender files

नगर निगम, मुजफ्फरपुर

Muzaffarpur News: ऋशु श्री मामले में विशेष निगरानी इकाई ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी से चार दागी कंपनियों के वर्ष 2013 से 2025 तक के टेंडर और भुगतान के मूल दस्तावेज तीन दिनों के भीतर तलब किए हैं.जानिए पूरी खबर…

विज्ञापन

मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: बिहार में इन दिनों चर्चा का केंद्र बने ऋशु श्री मामले में एक बहुत बड़ी हलचल सामने आई है. आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी बड़ी कार्रवाई के तहत विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) के निशाने पर अब मुजफ्फरपुर नगर निगम और स्मार्ट सिटी की परियोजनाएं भी आ गई हैं. सरकार की तरफ से मुजफ्फरपुर नगर आयुक्त और बुडको सहित सभी नगर निकायों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर तीन दिनों के भीतर संबंधित मूल दस्तावेज और प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिया गया है.

2013 से 2025 तक हुए टेंडर और भुगतान की होगी गहन जांच

विशेष निगरानी इकाई द्वारा दर्ज कांड के बाद ऋशु श्री और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और शासकीय गुप्त बात अधिनियम के तहत जांच चल रही है. जांच में सामने आया है कि ऋशु श्री से जुड़ी कंपनियों को विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण निविदाएं (टेंडर) आवंटित की गई थीं. निगरानी इकाई ने मुख्य रूप से चार बड़ी कंपनियों के निविदा और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं. इसमें मेसर्स रिलायबल इंफ्रा सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स रिलायबल इंटरप्राइजेज, मेसर्स श्री नेस्टबिल्ड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स अर्बन एनवायरनमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. इन कंपनियों को वर्ष 2013 से 2025 तक जारी निविदा आमंत्रण सूचना (एनआईटी), तुलनात्मक विवरणी, कार्य आदेश (वर्क ऑर्डर) और किए गए कुल भुगतानों के मूल दस्तावेज मांगे गए हैं.

तीन दिनों में रिपोर्ट भेजने का कड़ा निर्देश, चेहरों पर बढ़ेगी आंच

इस आदेश के बाद मुजफ्फरपुर नगर निगम और स्मार्ट सिटी के गलियारे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में यहाँ पर्यावरण और शहरी विकास से जुड़े कई बड़े काम हुए हैं. विभाग के अपर निदेशक उमाकान्त पांडेय ने साफ निर्देश दिया है कि निगरानी द्वारा मांगे गए सभी मूल दस्तावेज तीन दिनों के अंदर विभाग को भेजे जाएं. सुरक्षा के लिहाज से निकाय इन दस्तावेजों की एक अभिप्रमाणित (सर्टिफाइड) प्रति अपने पास सुरक्षित रखेंगे. सरकारी निविदाओं में पद के दुरुपयोग और अवैध वित्तीय लाभ पहुंचाने के इस खेल में मुजफ्फरपुर से लेकर पटना के कई बड़े चेहरों पर जांच की आंच आना अब पूरी तरह तय माना जा रहा है.

विज्ञापन
सुनील कुमार सिंह

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन