Muzaffarpur News: सीढ़ी घाट पर डूबे फाइनेंस कर्मी का शव 24 घंटे बाद बरामद, SDRF ने निकाला

Published by : SUMIT KUMAR Updated At : 01 Jun 2026 2:37 PM

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सीढ़ी घाट पर डूबे फाइनेंस कर्मी का शव 24 घंटे बाद बरामद

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के सीढ़ी घाट पर डूबे फाइनेंस कर्मी विकास कुमार का शव 24 घंटे बाद बरामद हुआ. SDRF की दो टीमों ने रेस्क्यू कर शव निकाला. तीन महीने पहले ही मृतक की शादी हुई थी. जानिए पूरी खबर…

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मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र स्थित सीढ़ी घाट पर रविवार को डूबे बजाज फाइनेंस के कर्मी विकास कुमार (25 वर्ष) का शव आखिरकार 24 घंटे बाद नदी से बरामद कर लिया गया है. शव की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की दो टीमों को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया था. कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने शव को पानी से बाहर निकाला, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया. इससे पहले रविवार को देर शाम तक रेस्क्यू टीम के नहीं पहुंचने पर आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने घाट पर जमकर हंगामा भी किया था.

मोबाइल दुकान में बजाज फाइनेंस के कर्मी के रूप में कार्यरत था

यह दर्दनाक हादसा रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ था. विकास अपने एक दोस्त के साथ सीढ़ी घाट पर नहाने के लिए पहुंचा था. दोनों कपड़े उतारकर नदी में उतरे ही थे कि अचानक विकास का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया. उसे डूबता देख उसका दोस्त बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन वह भी तेज बहाव में डूबने लगा. शोर सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत दौड़े और उन्होंने विकास के दोस्त को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन विकास गहरे पानी में लापता हो गया.

प्रशासनिक लापरवाही का आरोप, ‘बोट के तेल’ पर भड़के थे परिजन

घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और SDRF को सूचित किया. लेकिन रविवार देर शाम तक रेस्क्यू टीम के मौके पर न पहुंचने से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. मृतक की मामी ने आरोप लगाया था कि जब उन्होंने टीम के न आने का कारण पूछा, तो उन्हें बताया गया कि बोट चलाने के लिए तेल उपलब्ध नहीं है. इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब के बाद परिजनों ने घाट पर भारी हंगामा किया. स्थिति को देखते हुए बाद में एसडीआरएफ की दो टीमों को रेस्क्यू ऑपरेशन में उतारा गया, जिन्होंने सोमवार को शव को ढूंढ निकाला.

तीन महीने पहले ही हुई थी शादी, परिवार का इकलौता सहारा था विकास

विकास के परिवार पर दुखों का यह कोई पहला पहाड़ नहीं है, उसके पिता की मौत पहले ही एक सड़क दुर्घटना में हो चुकी है. पिता के जाने के बाद विकास ही पूरे परिवार का एकमात्र सहारा था. परिजनों ने रोते हुए बताया कि महज तीन महीने पहले ही विकास की शादी ज्योति कुमारी से हुई थी. ज्योति एक निजी कंपनी में बिलिंग का काम करती हैं. शादी के कुछ ही महीने बाद मांग का सिंदूर उजड़ जाने से ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल है. शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस घटना से पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.

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सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।

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