जमीन की रजिस्ट्री होगी महंगी, एनएच किनारे के रेट में होगा भारी इजाफा, बढ़ेगा बेस रेट
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 20 Dec 2025 8:52 PM
सांकेतिक फोटो
Bihar Bhumi: मुजफ्फरपुर जिले में जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले निवेशकों और नागरिकों के लिए बड़ी खबर है. प्रशासन बाजार दर के अनुरूप सरकारी रेट (एमवीआर) को अपडेट कर रहा है. नए नगर पंचायत और हाईवे से सटी जमीनों पर रेट बढ़ने से रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी में बढ़ोतरी होगी.
Bihar Bhumi: मुजफ्फरपुर जिले में जमीन की खरीद-बिक्री की तैयारी कर रहे लोगों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है. प्रशासन बाजार दर के समतुल्य सरकारी रेट (एमवीआर) तय करने की कवायद में जुट गया है. इस रिवीजन का सबसे बड़ा असर जिले के नए नगर पंचायतों और नेशनल और स्टेट हाईवे से सटी जमीनों पर पड़ने वाला है.
सरकार का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर है जहां पिछले कुछ वर्षों में शहरीकरण की वजह से जमीनों की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में वे अब भी पुराने ग्रामीण रेट पर ही टिकी हैं.
ऑफिस अपने स्तर से महज 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा शुल्क लेकर रजिस्ट्री कर रहा है. जिले के जिन नए नगर पंचायतों में रेट बढ़ने की संभावना है, उनमें सकरा, मुरौल और कुढ़नी का तुर्की, माधोपुर सुस्ता, मीनापुर, सरैया, बरूराज और नगर निगम का विस्तारित क्षेत्र शामिल है.
रेट बढ़ने के कारण को समझे
दरअसल, ग्राम पंचायत से नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं (सड़क, नाली, बिजली) का विस्तार हुआ है. इस कारण यहां रियल एस्टेट और व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं. वर्तमान में इन इलाकों में जमीनों की वास्तविक खरीद-बिक्री (मॉर्केट रेट) सरकारी दर से कहीं अधिक है. सरकार को होने वाले राजस्व घाटे को रोकने के लिए विभाग एमवीआर को अपडेट कर रहा है. ताकि, सरकारी खजाने में भरपूर राजस्व की प्राप्ति हो सके.
एनएच और एसएच किनारे की जमीन होगी प्रीमियम
नेशनल हाइवे (एनएच) और स्टेट हाइवे (एसएच) के किनारे की जमीनें अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बन गई हैं. नये बाइपास और फोरलेन परियोजनाओं के कारण इन क्षेत्रों की कॉमर्शियल वैल्यू बढ़ गई है. नये पुनरीक्षण में हाइवे से सटे खेतों को व्यावसायिक श्रेणी में डालकर उनका रेट बढ़ाया जा सकता है, जिससे रजिस्ट्री शुल्क में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होगी.
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निवेशकों और खरीदारों पर असर
एमवीआर बढ़ने से मध्यम वर्गीय खरीदारों के लिए घर बनाना महंगा हो जायेगा. इससे सरकारी रिकॉर्ड में संपत्ति की कीमत बढ़ेगी, जिससे बैंक लोन मिलने में आसानी होगी. तत्काल रूप से रजिस्ट्री के समय दी जाने वाली स्टाम्प ड्यूटी और निबंधन शुल्क का ग्राफ काफी ऊपर चला जायेगा. इससे जमीन की खरीद-बिक्री में कमी भी आ सकती है.
जिला अवर निबंधक मुजफ्फरपुर (District Sub Registrar Muzaffarpur) मनीष कुमार ने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद कई क्षेत्रों की जमीनों की प्रकृति बदल गई है. पुरानी दरों के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है. बाजार भाव को आधार बनाकर नया एमवीआर तय किया जाना है. विभाग से जो आवश्यक जानकारी मांगी गयी है, उसे भेजी जा रही है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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