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मुजफ्फरपुर नगर निगम में 63 लाख का GST घोटाला, अधिकारी और निजी एजेंसियों की मिलीभगत उजागर

Updated at : 01 Apr 2025 7:40 PM (IST)
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GST Scam

GST Scam (चैट जीपीटी)

मुजफ्फरपुर नगर निगम में अधिकारी और निजी एजेंसियों की मिलीभगत उजागर हुआ है. वर्ष 2021-22 की ऑडिट रिपोर्ट में 63 लाख का GST घोटाला सामने आया है. ऑडिट रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद नगर निगम में हड़कंप मचा है. अधिकारियों की लापरवाही से सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है. जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया गया है.

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देवेश कुमार/ GST Scam: मुजफ्फरपुर नगर निगम में लाखों रुपये के जीएसटी घोटाले का मामला सामने आया है. नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित सेवाओं के लिए जीएसटी छूट के बावजूद 63.01 लाख रुपये का गलत भुगतान किया है. यह भुगतान विभिन्न निजी एजेंसियों को किया गया है, जिसके माध्यम से नगर निगम में मानव बल की आपूर्ति होती है. इस खुलासे के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया है. लेखापरीक्षा प्रतिवेदन वर्ष 2021-22 के रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया गया है.

सरकारी खजाने को भारी नुकसान

जीएसटी छूट के बावजूद निगम द्वारा इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना गंभीर अनियमितता है. इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस मामले में तत्काल नगर आयुक्त विक्रम विरकर से साक्ष्य सहित पूरी जांच रिपोर्ट तलब कर दिया है. ताकि, लोक लेखा समिति को सूचित किया जा सके. वहीं, इस मामले में दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

लगभग पांच महीने से नगर निगम में दबा है फाइल

ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद भी इतने बड़े घोटाले की फाइनल को नगर निगम में बीते पांच महीने से दबा कर रखा गया है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसपर गहरी चिंता व नाराजगी जाहिर किया है. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर 2024 में पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी गयी थी. लेकिन, आज तक साक्ष्य सहित जांच रिपोर्ट नगर निगम की तरफ से उपलब्ध नहीं कराया गया है, जो गंभीर विषय है.

बोले नगर आयुक्त

मुजफ्फरपुर नगर निगम आयुक्त विक्रम विरकर बताया कि यह मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है. विभाग द्वारा मांगी गई जानकारी साक्ष्य सहित उपलब्ध करा दी जायेगी. इसके लिए संबंधित अनुभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दे दिया है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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