बिना मान्यता कोर्स संचालन के कारण फंसा 42 सौ छात्राओं का कन्या उत्थान

बिना मान्यता कोर्स संचालन के कारण फंसा 42 सौ छात्राओं का कन्या उत्थान
:: सरकार की ओर से कारण बताते हुए इन छात्राओं के आवेदन को किया गया निरस्त :: 2014-17 से लेकर 2017-20 तक में इन कॉलेजों ने लिया था नामांकन वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के आठ कॉलेजों में बिना सरकार से मंजूरी मिले स्नातक कोर्स के संचालन के कारण 42 सौ छात्राओं का कन्या उत्थान का आवेदन फंस गया है. इन छात्राओं के आवेदन को सरकार की ओर से यह कारण बताते हुए निरस्त कर दिया गया है. सत्र 2014-17, 2015-18, 2016-19 और 2017-20 में इन छात्राओं का दाखिला लिया गया था. आवेदन निरस्त होने के बाद से छात्राएं परेशान हैं. उनका कहना है कि सरकार ने कहा था कि स्नातक उत्तीर्ण सभी छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ दिया जाएगा, लेकिन उनके आवेदन को निरस्त कर दिया गया है. छात्राओं को विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि इन कॉलेजों में स्नातक के प्रतिष्ठा पाठ्यक्रम को सरकार ने संबंधित सत्र में मंजूरी नहीं दी थी. इस कारण सत्यापन के बाद उनका आवेदन निरस्त किया गया है. वहीं वोकेशनल कोर्स में सीट स्वीकृत होने के बाद भी सरकार ने छात्राओं को योजना का लाभ देने से इन्कार कर दिया है. जानकारी के अनुसार प्रिया रानी डिग्री कॉलेज बैरगनिया की 900, पं.यमुना कार्यी डिग्री कॉलेज की 962, रामशरण राय डिग्री कॉलेज की 613, आरएसएस कॉलेज चोचहां की 648, एलएन मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट की 244, चौरसिया राजकिशोर डिग्री कॉलेज हाजीपुर की 238, डॉ रामबालक राय कॉलेज हाजीपुर की 312 और गिरिधरण मिश्रा हरिशंकर पाठक कॉलेज बगहा की 300 छात्राओं का आवेदन निरस्त किया गया है. इसमें से एलएन मिश्रा कॉलेज को सीटों की स्वीकृति थी, इसके बाद भी इस कॉलेज की छात्राओं का आवेदन निरस्त किया गया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




