जोमैटो में नौकरी के नाम पर लिए कागजात से फर्जी जीएसटी किया जनरेट, 3.79 करोड़ का कर लिया कारोबार

Published at :15 Feb 2025 1:06 AM (IST)
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जोमैटो में नौकरी के नाम पर लिए कागजात से फर्जी जीएसटी किया जनरेट, 3.79 करोड़ का कर लिया कारोबार

जोमैटो में नौकरी के नाम पर लिए कागजात से फर्जी जीएसटी किया जनरेट, 3.79 करोड़ का कर लिया कारोबार

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: साइबर थाने में गायघाट के पीड़ित ने दर्ज करायी प्राथमिकी

: फर्जी जीएसटी बिल से सरकार 69 लाख का टैक्स किया चोरी

: दर्जनों लोगों के नाम पर जारी कर लिया फर्जी जीएसटी नंबर

संवाददाता, मुजफ्फरपुर

गायघाट थाना क्षेत्र के बरुआरी निवासी मृत्युंजय कुमार सिंह के नाम पर फर्जी जीएसटी नंबर बनाकर 3.79 करोड़ का कारोबार किया गया है. शातिर ने सरकार से 69 लाख रुपये की टैक्स चोरी की गयी है. जोमैटो में नौकरी दिलाने के नाम पर मृत्युंजय कुमार ने अपना आधार व पैन कार्ड दीवान रोड के अविनाश कुमार को दिया था. इसके बाद से यह फर्जीवाड़ा किया गया है. मामले को लेकर पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है. अब तक की जांच में नौकरी के नाम पर लिये गए आधार, पैन कार्ड व फोटो से दर्जनों लोगों के नाम पर फर्जी जीएसटी जारी करने की जानकारी मिली है. इससे करोड़ों का कारोबार किया गया है. सरकारी की करोड़ों की टैक्स चोरी की गयी है.

प्राथमिकी में मृत्युंजय कुमार सिंह ने बताया है कि वह वर्तमान में अहियापुर के नाजिरपुर में रहते हैं. वह अपने परिचित बालूघाट न्यू कॉलोनी के नीरज कुमार, बरूराज थाना के बरहिमा बाजार के रंजन कुमार, अहियापुर के नाजिरपुर के दीपू कुमार चौधरी चारों अच्छी नौकरी के तलाश में थे. इसी बीच उसके दोस्त जो नगर थाना के दीवान रोड का रहने वाला अविनाश कुमार है वह जोमैटो कंपनी में अच्छी नौकरी दिलाने की बात कहा था. उसने चारों लोगों से बारी- बारी से आधार व पैन कार्ड के साथ फोटो ले लिया था. काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब उसको नौकरी नहीं मिली तो वह मुद्रा लोन अप्लाई करने के लिए साइबर कैफे में गया तो उसको पता चला कि उसके नाम से पहले से जीएसटी नंबर जारी है. माड़ीपुर स्थित जीएसटी कार्यालय में जाकर छानबीन किया तो पता चला कि जो जीएसटी नंबर उनके नाम से जारी है उसमें मोबाइल नंबर किसी दूसरे का है. उस पर हस्ताक्षर भी फर्जी है. लेकिन, उसपर फोटो उसका लगा हुआ है जो जोमैटो कंपनी में नौकरी के लिए दिया था. उक्त मोबाइल नंबर को चेक किया तो अविनाश कुमार का था. जीएसटी कार्यालय में उसको बताया कि उसके नाम से जारी जीएसटी से अब तक तीन करोड़ 78 लाख 85 हजार 735 रुपये का बिल काट कर 68 लाख 19 हजार 432 रुपये का टैक्स चोरी कर सरकार व उसके साथ धोखाधड़ी किया गया है. इसके बाद जब चेक कराया तो उसके तीनों दोस्त के नंबर पर फर्जी जीएसटी नंबर जारी किया गया था. इसके अलावा नौकरी दिलाने के नाम पर दीवान रोड के गौरव कुमार, मालीघाट के कमल भट्टाचार्य, दीवान रोड के सुभाष कुमार ने बताया कि वह भी जोमैटो में नौकरी के लिए अविनाश कुमार को आधार, पैन व फोटो दिया था. अविनाश कुमार ने यह बताया कि वह ये सारा डक्यूमेंट मधुबनी जिला के जयशंकर झा नामक व्यक्ति को दिया था. यह जीएसटी फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क है.

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