Exclusive: मुजफ्फरपुर में जमीन के दाम आसमान छूएगी, एमवीआर में भारी वृद्धि की तैयारी

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Exclusive: मुजफ्फरपुर में जमीन के दाम जल्द ही आसमान छू लेगा. क्योंकि एमवीआर में भारी वृद्धि की तैयारी की जा रही है, इसके लिए कई टीमें गठित की गयी है.
Exclusive: देवेश कुमार/ मुजफ्फरपुर में जमीन व फ्लैट की कीमतों में जल्द ही भारी उछाल देखने को मिल सकता है. प्रशासन ने जमीन के न्यूनतम मूल्य दर (एमवीआर) में वृद्धि करने की तैयारी शुरू कर दी है. नये वित्तीय वर्ष से इसकी संभावना जतायी जा रही है. एमवीआर में वृद्धि सबसे ज्यादा नगर निगम और उससे सटे इलाकों में देखने को मिलेगी. विभागीय दिशा-निर्देश के बाद रजिस्ट्री ऑफिस सर्वे कर रिपोर्ट बनाने में जुट गया है. जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने बताया कि वर्तमान में बाजार दर और एमवीआर में कितना का अंतर है. इससे संबंधित पूरी रिपोर्ट बनायी जा रही है. इसके लिए रजिस्ट्री ऑफिस के पदाधिकारी व कर्मियों की अलग-अलग टीम बनायी गयी है. जिला अवर निबंधक खुद भी शहर से सटे सबसे घनी आबादी व कमर्शियल इलाके में पहुंच बाजार दर व एमवीआर के अंतर को टटोल रिपोर्ट बना रहे हैं.
तय एमवीआर व बाजार दर की हो रही तुलना
वर्तमान में, नगर निगम की सीमा से 8 से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली जमीन की रजिस्ट्री पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है. लेकिन, आने वाले समय में यह शुल्क कई गुना ज्यादा हो सकता है. यही नहीं, विभागीय स्तर पर जमीन के रेट में वृद्धि के साथ-साथ रजिस्ट्री प्रक्रिया में भी बदलाव की तैयारी है. सभी नगर निकायों से वर्गीकृत सड़कों की सूची भी मांगी जा रही है. हालांकि, अभी जितने नगर पंचायतों का गठन हुआ है. उन नगर पंचायतों में ना तो होल्डिंग टैक्स की वसूली हो रही है और ना ही सड़कों का वर्गीकरण ही हुआ है. इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा है. नगर निकाय के साथ-साथ रजिस्ट्री ऑफिस को भी हर साल करोड़ों का चूना लग रहा है. हालांकि, पब्लिक पर बकाया होल्डिंग टैक्स का बोझ बढ़ता जा रहा है.
एमवीआर में वृद्धि के कारण
- नये नगर पंचायतों का गठन और नगर निगम का विस्तार का प्रस्ताव
- शहर के बाहरी इलाकों में तेजी से हो रहा विकास
- एमवीआर से कई गुना ज्यादा है बाजार दर
- शहर की जमीन एमवीआर से 10 से 15 गुना अधिक रेट पर हो रही है बिक्री
सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला क्षेत्र
- नगर निगम की सीमा से 8-10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र
- नगर परिषद और नगर पंचायत की सीमा से 4 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र
- मुशहरी अंचल के अंतर्गत आने वाले सभी राजस्व गांव पेरिफेरल एरिया में आते हैं
- एनएच के साथ प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एरिया व इसके आसपास का इलाका
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लेखक के बारे में
By राधेश्याम कुशवाहा
राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.
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