दिल्ली व यूपी से कर रहे उत्तर बिहार में साइबर ठगी

Published by : CHANDAN Updated At : 08 Aug 2025 7:41 PM

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उत्तर बिहार में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क है. सरगना दिल्ली में बैठा प्रमोद चौधरी उर्फ प्रमोद सिंह है. मुजफ्फरपुर साइबर पुलिस प्रमोद चौधरी के ठिकाने का पता लगाने में जुटी है.

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दिल्ली के प्रमोद का नेटवर्क, यूपी से अभिषेक किराये पर लेता था खाता

साइबर पुलिस सरगना प्रमोद चौधरी के लोकेशन को कर रही ट्रेस

मुसहरी का सोनू उर्फ महावीर किराये पर उपलब्ध कराता था खाता

पुलिस दिल्ली से मधुबनी तक फैले नेटवर्क को ट्रेस करने में जुटी संवाददाता, मुजफ्फरपुर

उत्तर बिहार में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क है. सरगना दिल्ली में बैठा प्रमोद चौधरी उर्फ प्रमोद सिंह है. मुजफ्फरपुर साइबर पुलिस प्रमोद चौधरी के ठिकाने का पता लगाने में जुटी है. चौधरी, यूपी के अमेठी के गौरीगंज के अभिषेक पांडेय के जरिये किराए पर बैंक खाते लेता था. इन खातों में साइबर धोखाधड़ी की रकम मंगवाकर एटीएम या पीओएस मशीन से निकाल ली जाती थी. साइबर थाने की पुलिस ने अभिषेक समेत चार शातिरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दी है. अब पुलिस दिल्ली से लेकर बिहार के मधुबनी तक फैले इस नेटवर्क की जांच कर रही है. फरार मुसहरी के सोनू कुमार उर्फ महावीर की गिरफ्तारी के लिए भी रेड जारी है. महावीर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को फंसाकर उनके खाते किराए पर लेकर उनमें ठगी की रकम मंगवाता था. साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि ये शातिर अपराधी इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल अरेस्ट, कस्टमर केयर और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगते थे.

सरगना प्रमोद का विदेशी कनेक्शन

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि साइबर फ्रॉड गिरोह के सरगना प्रमोद चौधरी का विदेशी कनेक्शन है. वह साइबर ठगी की रकम पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया और अन्य देशों में हवाला के जरिए भेजता था. पुलिस को प्रमोद चौधरी का मोबाइल नंबर मिल गया है, जिसके आधार पर उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई जा रही है.

फर्जी आधार व सिम कार्ड का खेल

साइबर पुलिस की गिरफ्त में आया मुसहरी थाना के माधोपुर निवासी गुड्डू पिछले तीन साल से फर्जी आधार कार्ड बना रहा था. इन फर्जी आधार कार्डों का इस्तेमाल उसका साथी सोनू उर्फ महावीर फर्जी सिम कार्ड निकालने के लिए करता था. ये सिम कार्ड यूपी के साइबर फ्रॉड अभिषेक पांडेय के माध्यम से सरगना प्रमोद चौधरी तक पहुंचाए जाते थे और फिर साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए जाते थे.

एनजीओ खातों का दुरुपयोग

जिस तरह मधुबनी के फुलपरास थाना के धर्मडीहा निवासी चाचा-भतीजा कृष्ण सिंह व विक्रम सिंह के नाम से पंजीकृत एनजीओ ”राम प्यारी नंद लाल सेवा संस्थान” का खाता साइबर धोखाधड़ी की राशि मंगवाने के लिए किराए पर लिया था, उसी तरह पुलिस को आशंका है कि उत्तर बिहार के अन्य जिलों में भी साइबर माफिया किराए पर खाते ले सकते हैं या उनका इस्तेमाल कर रहे होंगे. पुलिस इसे गंभीरता से देख रही है व गहन छानबीन कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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