Bihar Land Survey: चिरकुट अप्लाई पर लिख दिया खाता नुकसान, अब कहां से लाए जमीन का कागज
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 18 Sep 2024 8:44 PM
Bihar Land Survey: भूमि सर्वेक्षण के लिए दिल्ली, मुंबई, गुजरात जैसे शहरों से रोज सैकड़ों की संख्या में लोग ट्रेन और बस से अपने गांव आ रहे हैं.लेकिन आने के बाद भी उनकी परेशानी कम नहीं हो रही है.
Bihar Land Survey: मुजफ्फरपुर. भूमि सर्वे (Land Survey) के बाद से लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही है. दिल्ली, मुंबई, गुजरात जैसे शहरों से रोज सैकड़ों की संख्या में लोग ट्रेन और बस से अपने गांव आ रहे हैं.लेकिन आने के बाद भी उनकी परेशानी कम नहीं हो रही है. रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन के कागजात निकालने के लिए उन्हें चक्कर काटना पड़ रहा है. कार्यालय में काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुट रही है. अधिकतर लोगों का काम नहीं हो रहा है, उन्हें रोज वापस होना पड़ रहा है. रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे बंदरा के संजीत कुमार ने बताया कि वह गुजरात के एक कंपनी में सुपरवाइजर है. कंपनी से दस दिन की छुट्टी लेकर आये थे. नकल निकालने के लिए फार्म भर कर जमा कर दिए हैं, आठ दिनों के बाद बुलाया गया, जब आए हैं तो कहा जा रहा है कि रजिस्टर नहीं मिला है. इस काम के लिए कितना चक्कर लगाएंगे और इसके लिए पैसा कहां से लाएंगे.
सरकार के पास न मैसेंजर है और न व्यवस्था है. जनता को क्या कष्ट हो रहा है. यह जानने की कोशिश नहीं की जा रही है. यहां के दफ्तर में जो लोग हैं, उन्हें भी समझदारी नहीं है और न ही काम का अनुभव है. मीनापुर के नंद किशोर कहा कि हमलोग जमीन को जोत रहे हैं, उसका पेपर नहीं मिल रहा है .चिरकुट अप्लाई किए हैं, लिख कर दिया है कि खाता नुकसान है. अब हमलोग क्या करें.
नकल के लिए एक हफ्ते से लगा रहे हैं चक्कर
सकरा से आये मनोज ठाकुर ने बताया कि नकल और केवाला के चालान के लिएआए हैं, बैंक बंद हो गया, चालान नहीं हो पाया. कहा जा रहा है कि बैंक मना कर दिया कि चालान नहीं काटना है. हर तरफ खर्चा देना पड़ रहा है. कुछ न कुछ सब ले रहा है. ऑनलाइन भुगतान करने में पैसा भी फंस रहा है. बोचहां के मनोज कुमार सहनी ने कहा कि 50 वर्षों का लेखाजोखा व्यवस्थित तरीके से नहीं है. कर्मचारी दस गुना रुपया लोगों से ले रहा है. हम जमीन जोत रहे हैं. आज तक हमारे कब्जे में है. सरकार के पास तो पेपर है. जमाबंदी, खतियान और चौकीदारी पर्चा सब उपलब्ध है. तब वह हमसे जमीन का कागज क्यों मांग रही है.
मोतीपुर से आए सुभाष कुमार ने कहा कि बहुत दिनों से नकल के लिए दौड़ रहे हैं, फाइल किए हुए हैं, लेकिन नकल नहीं मिल रहा है. सुभाष कुमार ने कहा कि चाचा जमीन का कागज रख लिए हैं. यहां साल पूछा जा रहा है. कहा जा रहा है साल याद नहीं है तो कागज नहीं मिलेगा. अब हमलोगों की जमीन का क्या होगा. समझ में नहीं आ रहा है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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