सावधान! जमीन के काम में जाली कागजात देने पर होगी प्राथमिकी, लापरवाह CO भी नपेंगे, निर्देश जारी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 03 Jan 2026 9:32 PM
सांकेतिक फोटो
Bihar Bhumi: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों में जालसाजी पर सख्ती बढ़ा दी गई है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फर्जी दस्तावेज देने वालों पर अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. लापरवाही बरतने वाले अंचलाधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी.
Bihar Bhumi, देवेश कुमार: जमीन से जुड़े मामलों में जालसाजी करने वालों की अब खैर नहीं है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन और बंदोबस्ती जैसे राजस्व कामों में फेक डॉक्यूमेंट पेश करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है. विभाग ने राज्य के सभी अंचलाधिकारियों (CO) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं के तहत स्थानीय थाने में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज कराये.
अधिकारियों में हड़कंप
विभागीय सचिव गोपाल मीणा की तरफ से नये साल में पहली बार इस तरह का पत्र शनिवार को जारी किया गया है. निजी भूमि विवाद में भी कार्रवाई होगी. सरकारी भूमि के मामले में सीओ खुद प्राथमिकी दर्ज करायेंगे.
निजी या रैयती भूमि विवाद में जांच के बाद राजस्व पदाधिकारी के जांच के बाद पीड़ित पक्ष के आवेदन पर पुलिस केस दर्ज होगा. सचिव की तरफ से पत्र जारी होने के बाद डीएम सुब्रत कुमार सेन ने सभी सीओ, डीसीएलआर, एसडीओ और एडीएम को सख्ती के साथ इसका पालन करने को कहा है. इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.
खुलासे के बाद भी सीओ ने दर्ज नहीं करायी प्राथमिकी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव गोपाल मीणा ने सभी अंचलाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद 2025 के दौरान यह तथ्य सामने आया कि नामांतरण, सीमांकन और भू-अर्जन जैसे कामों में जाली डॉक्यूमेंट देकर प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं.
पिछली समीक्षा बैठकों में भी ऐसे मामले आये थे, लेकिन अंचलाधिकारियों के स्तर से प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी, जिसे विभाग ने गंभीरता से लिया है.
लापरवाही पर नपेंगे सीओ
विभाग ने साफ कर दिया है कि जाली दस्तावेज के आधार पर कोई आदेश पारित नहीं किया जायेगा और यदि पहले ऐसा हो चुका है, तो उसकी समीक्षा कर कार्रवाई की जायेगी. सचिव ने चेतावनी दी है कि प्राथमिकी दर्ज नहीं कराना या मामले को दबाने का प्रयास कर्तव्य में घोर लापरवाही और कदाचार माना जायेगा. इसके लिए संबंधित अंचलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे.
इसे भी पढ़ें: बिहार के लोग अगले 48 से 72 घंटे तक रहें सतर्क, कोल्ड-डे को लेकर चेतावनी, एडवाइजरी जारी
इन कारणों से लिया गया फैसला
भूमि सुधार जन कल्याण संवाद में यह तथ्य सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग जाली कागजात के जरिए प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं. विभाग ने पाया कि पिछली बैठकों में निर्देश के बावजूद अंचल स्तर पर जालसाजों पर केस दर्ज नहीं किए जा रहे थे. विभाग ने निर्देश दिया है कि यदि पूर्व में किसी जाली दस्तावेज के आधार पर कोई आदेश (जैसे दाखिल-खारिज) पारित हो चुका है, तो उसकी कानूनी समीक्षा कर उसे रद्द किया जाए.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
कैसे दर्ज होगा मुकदमा
यदि मामला सरकारी जमीन से जुड़ा है, तो संबंधित अंचलाधिकारी सीधे स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज करायेंगे. दो पक्षों के बीच निजी जमीन के विवाद में, राजस्व अधिकारी की जांच रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर पीड़ित पक्ष के आवेदन पर पुलिस केस होगा. जाली दस्तावेज के आधार पर कोई आदेश पारित न करें. नियम का पालन दृढ़तापूर्वक सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत.
इसे भी पढ़ें: बिहार में 6, 7, 8 और 9 जनवरी को चलेगा महाअभियान, लाखों किसानों को होगा लाभ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










