कागजातों की जांच के बाद ही नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों को मिलेगा नियुक्ति पत्र
Published by : ANKIT Updated At : 25 May 2025 8:16 PM
बीआरएबीयू समेत प्रदेश के 12 विश्वविद्यालयों के तहत आने वाले कॉलेजों में अंग्रेजी विषय के लिए रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए 209 अभ्यर्थियों की अनुशंसा उपलब्ध कराई गयी है.
-जिन कॉलेजों में विद्यार्थियोें की संख्या अधिक होगी व शिक्षक नहीं या कम होंगे वहां होगी पोस्टिंग -जन्मतिथि, आरक्षण प्रमाणपत्र और अनुभव प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच का दिया गया निर्देश
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
बीआरएबीयू समेत प्रदेश के 12 विश्वविद्यालयों के तहत आने वाले कॉलेजों में अंग्रेजी विषय के लिए रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए 209 अभ्यर्थियों की अनुशंसा उपलब्ध कराई गयी है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की ओर से सफल सहायक प्राध्यापकों की अनुशंसा की गयी है. इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को पत्र भेजा है. सरकार के उन सचिव अमित कुमार पुष्पक की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कुलसचिव अनुशंसित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच कराएं. संतुष्ट हाेने के बाद ही उन्हें नियुक्ति पत्र जारी करें. विशेषकर जन्म प्रमाणपत्र, अनुभव प्रमाणपत्र और आरक्षण प्रमाणपत्र की जांच करें. इसके साथ ही चरित्र व वृत्त की भी जांच की जानी है.
प्राथमिकता वहां, जहां नियमित शिक्षक नहीं
जांच के दौरान किसी तरह की विसंगति पाए जाने पर अविलंब विभाग व आयाेग को सूचित करने को कहा गया है. उप सचिव ने कहा है कि जिन अभ्यर्थियों ने यूजीसी रेगुलेशन-2009 के तहत पीएचडी का दावा किया है. उनकी उपाधि का सत्यापन कर संतुष्ट होने पर ही नियुक्ति पत्र दें. इसके साथ ही विश्वविद्यालयों को दिशा-निर्देश दिया गया है. कहा है कि सबसे पहले उन कॉलेजों में इन सहायक प्राध्यापकों का पदस्थापन करें जहां छात्रों का नामांकन हो पर कोई नियमित या अतिथि शिक्षक पदस्थापित न हों. अंग्रेजी में छात्रों के नामांकन की अधिकतम संख्या के अवरोही क्रम में महाविद्यालयों में शिक्षकों का पदस्थापन किया जाना है. इसके बाद वैसे कॉलेजों को प्राथमिकताे दी जानी है जहां नियमित शिक्षक नहीं हैं या छात्र-शिक्षक अनुपात बहुत अधिक है. जिन कॉलेजों में अंग्रेजी में कोई छात्र नामांकित नहीं होंगे वहां शिक्षक का पदस्थापन नहीं किया जाएगा. बिना नामांकन वाले कॉलेज में शिक्षक के पदस्थापन की स्थिति में कुलसचिव के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गयी है. ऐसी स्थिति में शिक्षक के वेतन मद में भुगतान की गयी राशि कुलसचिव से वसूल की जाएगी.
समाप्त हो जायेगी अतिथि शिक्षक की सेवा
उप सचिव ने कहा है कि नियमित शिक्षक के पदस्थापन हो जाने पर अतिथि शिक्षक की सेवा स्वत: समाप्त हो जायेगी. किसी भी स्थिति में छात्र का नामांकन नहीं रहने पर स्वीकृत पद के विरूद्ध नियमित शिक्षक के साथ-साथ अतिथि शिक्षक का पदस्थापन नहीं किया जायेगा. किसी भी सत्र विशेष में यह स्थिति उत्पन्न होने पर विवि रेशनालाइनज करेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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