मुजफ्फरपुर : तीर्थ स्थलों पर जाने वाले वाहनों को मिलने वाले अस्थायी मेला परमिट का पेच सुलझ गया है. मोटर फेडरेशन के प्रतिनिधियों और आरटीए व परिवहन विभाग के अधिकारियों की बातचीत के बाद यह तय हुआ है कि बस मालिकों को शपथ-पत्र देना होगा कि बसें सामान्य ऊंचाई की हैं और स्लीपर या डबल डेकर नहीं हैं. इसके पहले क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (आरटीए) के सचिव ने दस अगस्त को आदेश जारी किया था.
इसमें कहा गया था कि इस परमिट से वाहन मालिकों को एमवीआइ से जांच करानी होगी कि उनकी बस स्लीपर नहीं है और ऊंचाई मापदंड से अधिक नहीं है. श्रवणी मेला को लेकर उत्तर बिहार से हर दिन 70 से अधिक बसें देवघर रवाना होती हैं.
