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घरों का बीमा करवाने की शुरू हुई होड़

28 Apr, 2015 7:12 am
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घरों का बीमा करवाने की शुरू हुई होड़

मुजफ्फरपुर: तीन दिन से लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने शहर के लोगों को हर फ्रंट पर सोचने को मजबूर कर दिया है. अपने साथ लोगों को गाढ़ी कमाई से बनाये घर की चिंता भी सताने लगी है. शनिवार के बाद सोमवार को जब ऑफिस खुले, तो बड़ी संख्या में शहर के लोग भवनों […]

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मुजफ्फरपुर: तीन दिन से लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने शहर के लोगों को हर फ्रंट पर सोचने को मजबूर कर दिया है. अपने साथ लोगों को गाढ़ी कमाई से बनाये घर की चिंता भी सताने लगी है. शनिवार के बाद सोमवार को जब ऑफिस खुले, तो बड़ी संख्या में शहर के लोग भवनों का बीमा करनेवाली कंपनियों के ऑफिसों में पहुंचे. ये लोग बीमा से होनेवाले लाभ व प्रीमियम की जानकारी ले रहे थे. आधा दर्जन लोगों ने घरों का बीमा कराने के लिए फॉर्म भी भरा.
दामूचक के रहनेवाली ऊषा शाही व इंदिरा नगर निवासी उदय प्रताप सिंह सोमवार को रामदयालु स्थित नेशनल इन्श्योरेन्स कंपनी के कार्यालय में पहुंचे. भूकंप से भयभीत दोनों ने अपने भवन का बीमा कराया. इसके अलावा साहेबगंज निवासी मनोज कुमार, खबड़ा निवासी राजीव कुमार बीमा की जानकारी लेने पहुंचे. इन लोगों का सवाल था कि बीमा कितने साल के लिए होता है. इसमें किन-किन चीजों का क्लेम मिलता है और प्रीमियम कितना है. इनके अलावा दर्जनों की संख्या में लोग भवन बीमा की जानकारी लेने के लिए कंपनी के ऑफिस में पहुंचे. बहुत से लोगों ने इंटरनेट के जरिये भी बीमा के बारे में जानकारी ली. कंपनियों के ऑफिस में फोन करके भी लोगों ने इसके बारे में जानकारी इकट्ठा की.
कंपनी से जुड़े कर्मचारियों व अधिकारियों का कहना था कि भूकंप की वजह से भवनों का बीमा करवाने की होड़ लोगों में लगी है, क्योंकि अपना घर लोगों का सपना होता है. जिंदगी भर की मेहनत लोग उसमें लगाते हैं. ऐसे में भूकंप जैसी आपदा में डर लगना स्वाभाविक है. बीमा के बारे में जानने आनेवालों के एक जैसे सवाल थे, जिनका उत्तर देते-देते कंपनी के अधिकारी परेशान थे.
बीमा कंपनियों में जिन लोगों ने भवन के इंश्योरेंस के बारे में संपर्क किया. उनमें बड़ी संख्या फ्लैट में रहनेवाले लोगों की है.
नेशनल के अलावा ओरियंटल, न्यू इंडिया, यूनाइटेड इन्श्योरेन्स सहित कई निजी बीमा कंपनियों के ऑफिसों में लोग जानकारी के लिएप् पहुंचे. माड़ीपुर स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाले अनिकेत कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से वे लोग भूकंप के भय से अपने फ्लैट को छोड़ कर काफी समय बाहर में बिताया है. इस स्थिति में नुकसान से बचने के लिए उन्होंने बीमा कराने की ठानी है. प्रीमियम की जानकारी को लेकर उन्होंने कई कंपनियों से संपर्क किया है. बीमा कंपनी के अधिकारी ने बताया कि काफी लोग भवन बीमा के बारे में जानकारी लेने कार्यालय पहुंच रहे है. मझौलिया स्थित एक अपार्टमेंट के करीब आधा दर्जन लोगों ने बीमा के लिए फॉर्मेट को भरा है.
भवन बीमा का गणित
मकान का बीमा वर्ग फिट व फ्लोर के हिसाब से किया जाता है. इसकी गणना मकान में आये खर्च के हिसाब से होती है. इसमें एक लाख रुपये के खर्च पर प्रीमियर लगभग पचास रुपये आता है. अगर किसी ने दस लाख रुपये मकान पर खर्च किया है, तो उसका प्रीमियर पांच सौ रुपये होगा. ये राशि खर्च के हिसाब से घटती बढ़ती है. भवन का बीमा एक बार में ज्यादा से ज्यादा दस साल के लिए कराया जा सकता है और कम से कम एक साल के लिए. इसमें केवल भवन का स्ट्रक्टर का बीमा होता है. उसके अंदर रखे सामान का नहीं.
भवन बीमा में एक साथ भूकंप, फायर, बाढ़, जलजमाव, तूफान व चक्रवात का बीमा होता है. उक्त प्राकृतिक आपदा में क्षति होने पर बीमा धारक क्लेम करने के हकदार होते हैं. आलोक कुमार
ब्रांच मैनेजर, नेशनल इंशोरेंस
हमारे यहां सोमवार को कोई बीमा तो नहीं हुआ, लेकिन बड़ी संख्या में लोग भवन के बीमा की जानकारी लेने के लिए आये थे. सभी कंपनियों के बीमा प्रीमियम की राशि एक जैसी है. एसके ओझा, प्रशासनिक अधिकारी, द न्यू इंडिया इंश्योरेंस
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