बेटियोंं की क्षमता को पहचानें, तो कई शिवांगी निकलेंगी
Author Prabhat khabar digital desk
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मुजफ्फरपुर : नौसेना में देश की पहली महिला पायलट बनकर मुजफ्फरपुर का नाम रोशन करनेवाली शहर की बेटी सब लेफ्टिनेंट शिवांगी को रविवार को सम्मानित किया गया. सेना के विजय दिवस के अवसर पर संयुक्त भवन में आयोजित समारोह में भूतपूर्व सैनिक संघ की ओर से शिवांगी को यह सम्मान दिया गया. इस मौके पर […]
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मुजफ्फरपुर : नौसेना में देश की पहली महिला पायलट बनकर मुजफ्फरपुर का नाम रोशन करनेवाली शहर की बेटी सब लेफ्टिनेंट शिवांगी को रविवार को सम्मानित किया गया. सेना के विजय दिवस के अवसर पर संयुक्त भवन में आयोजित समारोह में भूतपूर्व सैनिक संघ की ओर से शिवांगी को यह सम्मान दिया गया. इस मौके पर शिवांगी के पिता हरिभूषण सिंह व मां कुमारी प्रियंका काफी खुश दिखे.
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शिवांगी के पिता हरिभूषण सिंह ने कहा कि उनकी बेटी ने बचपन में गांव में हेलीकॉप्टर को उड़ता देख पायलट बनने का सपना सजा लिया. लेकिन, उसने अपने मन में ही रखा, किसी को नहीं बताया. सिक्किम मणिपाल में एडमिशन के बाद यूनिवर्सिटी के एक स्कीम में नौसेना के लोगों से मिलने का मौका मिला. वहां से शिवांगी के सपनों को पंख मिला. हमने हर कदम पर उसका साथ दिया.
उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि बेटा-बेटी में कभी फर्क न करें. संतान की क्षमता को बचपन से पहचानें. जिस दिशा में वह प्रयास कर रहें हैं, हर कदम पर अपने बच्चों का साथ दें. अगर ऐसा होगा तो आनेवाले समय में कई शिवांगी यहां से निकलेंगी, जो पूरे देश व दुनिया में मुजफ्फरपुर का नाम रोशन करेंगी.
इससे पूर्व संयुक्त भवन के परिसर में 1971 में पूर्वी पाकिस्तान पर विजय के दौरान शहीद हुए हमारे देश के वीर सपूतों के सम्मान में विजय दिवस का आयोजन किया गया . रिटायर्ड मेजर जनरल एके सिन्हा, कमांडर शशांक शेखर व जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की. सभी अधिकारियों के संबोधन के केंद्र बिंदू में सब लेफ्टिनेंट शिवांगी रही.
सैनिक कल्याण पदाधिकारी रविशंकर ने शिवांगी को आज की लड़कियों का आइकॉन बताया. उन्होंने कहा कि हम मुजफ्फरपुर की नहीं, पूरे भारत की बेटी शिवांगी को सम्मानित कर रहे हैं. उसने पूरे देश में मुजफ्फरपुर व अपने माता – पिता को अलग पहचान दिलायी है.
ेसमारोह के दौरान संघ के मनोज कुमार सिंह, उपाध्यक्ष नंद किशोर ठाकुर, शिव शंकर प्रसाद सिंह, परीक्षण चौधरी, सचिव वीरेंद्र कुमार, दिवाकर राणा, शिवांगी, शिवांगी के माता पिता, आनंद कुमार, बलिराम प्रसाद सिंह, नवीन कुमार , अभय कुमार, राम चैंद्र चौधरी, रविंद्र ठाकुर, रमेश कुमार, बलिराम ठाकुर, श्याम किशोर सिह, अवधेश चौधरी, सुरेश वर्मा, कौशल किशोर ठाकुर, जितेंद्र ठाकुर, अमित कुमार, शिव कुमार सिंह, प्रेम कुमार सिंह, शिव कुमार आदि उपस्थित थे.
सेना का प्रोटोकॉल है, कुछ न बोलूंगी : शिवांगी
समारोह में शिवांगी ने सेना के प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. मीडियाकर्मियों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- सेना का प्रोटोकॉल होता है. मैं कुछ नहीं बोलूंगी. शहर में पढ़ी-लिखी शिवांगी पायलट बनने के बाद पहली बार यहां आयी है. दो दिसंबर को शिवांगी को नौ सेना में पायलट के रूप में शामिल किया गया.
जब भारत ने पाक को घुटने टेकने पर मजबूर किया
मेजर जेनरल अशोक कुमार सिन्हा (सेवा निवृत्त) ने अपने 1971 युद्ध के संस्मरण को ताजा किया और तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (बंगलादेश) में पाकिस्तान द्वारा किये जा रहे अत्याचारों का वर्णन किया. उन्होंने बताया कि किस तरह से हमारी सेना ने पाकिस्तान को 13 दिनों के अंदर ही घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.
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