मुजफ्फरपुर : स्नैक्स फैक्ट्री को लाइसेंस देने में लापरवाही, घिरे कई विभाग

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मुजफ्फरपुर : बोचहां के वाजितपुर चकनूरन गांव में तिरहुत फूड चिप्स फैक्ट्री में आग लगने से सात मजदूरों की मौत मामले की जांच रिपोर्ट एसडीओ पूर्वी डॉ कुंदन कुमार ने डीएम मो सोहैल को सौंप दी है. इसमें फैक्ट्री को लाइसेंस देने में भारी लापरवाही की बात सामने आयी है. सात विभागों से मिली रिपोर्ट […]

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मुजफ्फरपुर : बोचहां के वाजितपुर चकनूरन गांव में तिरहुत फूड चिप्स फैक्ट्री में आग लगने से सात मजदूरों की मौत मामले की जांच रिपोर्ट एसडीओ पूर्वी डॉ कुंदन कुमार ने डीएम मो सोहैल को सौंप दी है. इसमें फैक्ट्री को लाइसेंस देने में भारी लापरवाही की बात सामने आयी है. सात विभागों से मिली रिपोर्ट से स्पष्ट है कि हर स्तर पर अनदेखी होने से इतनी बड़ी घटना हुई. इससे कई विभागों पर गाज गिर सकती है.
गड़बड़ी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घटना के दिन फैक्ट्री में 3200 लीटर ज्वलनशील पदार्थ व छह गैस सिलिंडर रखे हुए थे. इसमें 1600 लीटर डीजल, 800 लीटर किरासन तेल, 40 लीटर एलडीओ और छह एलपीजी गैस सिलिंडर रखे थे. हैरान करने वाली बात है कि ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण ट्रांसफॉर्मर के पास के कमरे में किया गया था.
कारखाना निरीक्षक ने एक बार भी कारखाना का निरीक्षण नहीं किया. उद्योग विभाग ने रिपोर्ट में पल्ला झाड़ लिया है. एक साल पहले नवंबर 2018 में जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक ने निरीक्षण किया था. इसके बाद संचालन की अनुमति दी थी.
सीमा व सुनीता पार्टनर
मैजेस्ट्रियल जांच में पाया गया कि फैक्ट्री में पार्टनर सीमा जायसवाल व सुनीता चौधरी है. फैक्ट्री का ट्रेडमार्क, उद्योग व जीएसटी से निबंधित है. फैक्ट्री
का इंश्याेरेंस 5.92 करोड़ का है, लेकिन फैक्ट्री के कर्मियों का इंश्योरेंस नहीं था.
फायर सेफ्टी के मानक से फैक्ट्री का नहीं किया गया था निर्माण
कारखाना निरीक्षक ने एक बार भी नहीं किया था निरीक्षण, फायर विभाग से ऑडिट नहीं
हादसे के दिन फैक्ट्री में रखा था 3200 लीटर ज्वलनशील पदार्थ व छह गैस सिलिंडर
फैक्ट्री में फायर फाइटिंग की पाइप थी जाम
फैक्ट्री में बिजली कनेक्शन व फायर सेफ्टी में काफी गड़बड़ी की गयी थी. ट्रांसफॉर्मर को फैक्ट्री के काफी करीब लगाया था. बिजली तार के नीचे जेनरेटर वाहन लगा रहता था. बिजली व उद्योग विभाग के पदाधिकारी को इसके लिए जिम्मेदार बताया गया है. फायर सेफ्टी का इंतजाम मानक के अनुसार नहीं था.
अग्निशमन विभाग ने फैक्ट्री में चार जगहों पर फायर फाइटिंग की बात बतायी थी. लेकिन जांच में एक ही पायी गयी. यही नहीं फायर सेफ्टी वाली पाइप भी जाम थी. श्रम अधीक्षक ने बताया कि कारखाना अधिनियम के तहत निबंधन नहीं कराया गया था.

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