मुजफ्फरपुर : सरकारी अस्पतालों में बुखार की भी दवा नहीं
Author Prabhat khabar digital desk
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मुजफ्फरपुर : सदर अस्पताल समेत जिले के पीएचसी में दवाओं का घोर अभाव है. एक महीने से अस्पताल में कई जरूरी दवाओं की खरीदारी ही नहीं हुई. औषधि भंडार से तीन नवंबर को ही दवाओं की सूची बना सीएस को भेज दी गयी है. बावजूद औषधि भंडार में 50 से अधिक दवाएं उपलब्ध नहीं करायी […]
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मुजफ्फरपुर : सदर अस्पताल समेत जिले के पीएचसी में दवाओं का घोर अभाव है. एक महीने से अस्पताल में कई जरूरी दवाओं की खरीदारी ही नहीं हुई. औषधि भंडार से तीन नवंबर को ही दवाओं की सूची बना सीएस को भेज दी गयी है. बावजूद औषधि भंडार में 50 से अधिक दवाएं उपलब्ध नहीं करायी गयी हैं.
अस्पताल में दवा नहीं होने से गरीब मरीजों को बाजार से अधिक कीमत पर दवा खरीदनी पड़ रही है. कई मरीज पैसे के अभाव में दवा नहीं खरीद पा रहे हैं. चालू वित्तीय वर्ष में अब सिर्फ एक माह ही बचे हैं, ऐसे में इस साल दवाओं की खरीद की संभावना कम ही लगती है.
क्या है बीएमएसआईसीएल
बिहार मेडिकल सिर्वसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (बीएमएसआईसीएल) स्वास्थ्य विभाग, सरकार के तहत सभी प्रतिष्ठानों के लिए दवाओं और उपकरणों की एकमात्र खरीद और वितरण एजेंसी है. बिहार के औषधि भंडार में दवा खत्म होने के बाद बीएमएसआईसीएल को सिविल सर्जन पत्र भेज कर दवा की उपलब्धता कराने को कहते हैं.
ये दवाएं अस्पताल में नहीं
डायबिटीज के लिए इंसुलिन, हड्डी के लिए कैल्शियम, सिरप, नियोस्प्रिन, एचआईओ इंट, सोफ्रामाइसिन स्किन आइंटमेंट, आई ड्रॉप, जेंटामाइसिन, डायक्लोफेनिक, सेफ्टाजाइम, एविल इंजेक्शन, पारासीटामोल सहित 50 से अधिक दवाएं नहीं हैं.
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