शहर में 4.26 करोड़ से बनेंगे 38 सामुदायिक शौचालय
Updated at : 22 Aug 2018 7:25 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर : ग्रामीण क्षेत्रों से शहर में आनेवाले लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम ने शहरी क्षेत्र में 72 तीन मंजिले सामुदायिक शौचालय बनाने का फैसला लिया है. ये सभी शौचालय शहर के चौक-चौराहों व सार्वजनिक स्थानों या फिर गंदी बस्ती में खाली सरकारी जमीन पर बनाये जायेंगे. मुशहरी अंचलाधिकारी से एनओसी मिलने के […]
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मुजफ्फरपुर : ग्रामीण क्षेत्रों से शहर में आनेवाले लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम ने शहरी क्षेत्र में 72 तीन मंजिले सामुदायिक शौचालय बनाने का फैसला लिया है. ये सभी शौचालय शहर के चौक-चौराहों व सार्वजनिक स्थानों या फिर गंदी बस्ती में खाली सरकारी जमीन पर बनाये जायेंगे.
मुशहरी अंचलाधिकारी से एनओसी मिलने के बाद करीब 4.26 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 38 नये शौचालयों के लिए नगर आयुक्त संजय दूबे ने टेंडर निकाल दिया है. एक शौचालय के निर्माण पर 11.22 लाख रुपये खर्च होना है. इस पर नौ सितंबर को निर्णय होगा.
इससे पहले 32 सामुदायिक शौचालयों का टेंडर आमंत्रित किया गया हैं. अबतक मात्र दो का टेंडर फाइनल हुआ है. तीसरी बार टेंडर आमंत्रित करने के बाद भी 30 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए कोई संवेदक तैयार नहीं हो रहा है. 38 नये शौचालयों के लिए जो टेंडर आमंत्रित किया गया है, उसका निर्माण पूरा करने की अवधि चार माह निर्धारित है.
हालांकि, 38 शौचालयों का निर्माण 19 ग्रुपों में होगा. एक ग्रुप में दो शौचालय को शामिल किया गया है. इससे पहले 32 शौचालयों के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया था. उसका निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि मात्र तीन माह निर्धारित की गयी थी.
ओडीएफ घोषित करने में रही है बाधा
सामुदायिक शौचालय निर्माण नहीं होने के कारण शहर को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने में बाधा उत्पन्न हो रही है. पिछले सप्ताह नगर विकास एवं आवास विभाग ने विज्ञापन निकाला था. इसमें मुजफ्फरपुर नगर निकाय को भी ओडीएफ घोषित करने का जिक्र था. एक सप्ताह के भीतर शहरवासियों से आपत्ति की मांग की थी. हालांकि, मेयर सुरेश कुमार के पास जब इससे संबंधित संचिका नगर आयुक्त ने प्रस्तुत किया, तब उन्होंने खुद इस पर रोक लगाते हुए मामले को निगम बोर्ड में रखने का निर्देश दे दिया.
जलापूर्ति योजना पर डीडीसी ने की सुनवाई
जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी मिशन योजना के तहत जलापूर्ति योजना के लिए निगम को वुडको से 98 करोड़ रुपये मिले थे. इसके बावजूद काम नहीं हुआ. शहर में जलापूर्ति योजना का काम नहीं होने पर मंगलवार को डीडीसी के यहां सुनवाई हुई. इस दौरान निकटतम प्रत्याशी संघ के अध्यक्ष सुधीर ठाकुर, कन्हैया गुप्ता, महेश महतो, उमाशंकर गुप्ता, रामाशंकर पासवान, राजेश कुमार आदि मौजूद थे. 98 करोड़ से शहर में पाइपलाइन बिछा कर जगह-जगह 59 पंप हाउस का निर्माण होना था. काम चालू हुआ, लेकिन एजेंसी बीच में ही काम छोड़ भाग गयी. निकटतम प्रत्याशी संघ ने प्रमंडलीय आयुक्त से मामले की शिकायत की थी.
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