बिजली कटौती से बाधित हो रही नल-जल योजना, मुख्यमंत्री से सोलर पैनल लगाने की मांग
AI जेनरेटेड फोटो
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंड में बिजली कटौती से नल-जल योजना प्रभावित होने पर सामाजिक कार्यकर्ता धीरज कुमार ने मुख्यमंत्री से सभी जलमीनारों पर सोलर पैनल लगाने की मांग की है.
मुजफ्फरपुर के बंदरा से सूर्यमणि कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: नल-जल योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती के कारण बार-बार बाधित हो रही पेयजल आपूर्ति को लेकर बंदरा प्रखंड के रामपुरदयाल निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता धीरज कुमार ने मुख्यमंत्री से महत्वपूर्ण मांग की है. उन्होंने सभी पंचायतों में नल-जल योजना के जलमीनार, पंप और बोरिंग स्थलों पर सोलर पैनल लगाने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है, ताकि बिजली गुल रहने पर भी लोगों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके.
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घटना की प्रमुख बातें
- बिजली कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना प्रभावित.
- मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सोलर पैनल लगाने की मांग.
- सभी जलमीनार, पंप और बोरिंग स्थलों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का सुझाव.
- ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर.
मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र
धीरज कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि मुजफ्फरपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है. यह योजना आम लोगों के लिए काफी लाभकारी साबित हुई है, लेकिन लगातार बिजली कटौती के कारण कई बार जलापूर्ति पूरी तरह बाधित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
सोलर पैनल लगाने का दिया सुझाव
पत्र में मांग की गई है कि मुजफ्फरपुर जिले की प्रत्येक पंचायत में नल-जल योजना के तहत स्थापित सभी जलमीनारों, पंपों और बोरिंग स्थलों पर सोलर पैनल लगाए जाएं. इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी मोटर संचालित होती रहेगी और ग्रामीणों को नियमित रूप से पानी मिलता रहेगा.
सौर ऊर्जा से होंगे कई फायदे
धीरज कुमार का कहना है कि सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और सरकार की नल-जल योजना अधिक प्रभावी एवं सफल बन सकेगी.
ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत
उनका मानना है कि यदि सरकार इस प्रस्ताव पर अमल करती है तो बिजली कटौती के दौरान भी जलापूर्ति प्रभावित नहीं होगी. इससे ग्रामीणों की दैनिक जरूरतें पूरी होंगी और पेयजल संकट से राहत मिलेगी. साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी.
एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जिला | मुजफ्फरपुर |
| प्रखंड | बंदरा |
| मांगकर्ता | धीरज कुमार (युवा सामाजिक कार्यकर्ता) |
| प्रमुख मांग | नल-जल योजना के जलमीनारों पर सोलर पैनल |
| उद्देश्य | बिजली कटौती के दौरान भी निर्बाध जलापूर्ति |
| संभावित लाभ | पेयजल उपलब्धता, पर्यावरण संरक्षण और योजना की प्रभावशीलता |
ग्रामीणों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मांग?
ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती के कारण नल-जल योजना की मोटरें कई बार घंटों बंद रहती हैं, जिससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ती है. सोलर पैनल आधारित व्यवस्था लागू होने पर जलापूर्ति बिजली पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहेगी और लोगों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल मिल सकेगा.
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लेखक के बारे में
By Aaruni Thakur
प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।
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