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रेलवे निजीकरण का यूनियन ने किया विरोध

Updated at : 19 Sep 2025 8:05 PM (IST)
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रेलवे निजीकरण का यूनियन ने किया विरोध

ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कारखाना शाखा और ओपन लाइन शाखा द्वारा केंद्रीय और स्थानीय मांगों को लेकर प्रतिवाद जुलूस निकाला और प्रदर्शन करते हुए धरना दिया.

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ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कारखाना शाखा और ओपन लाइन शाखा ने दिया संयुक्त धरना

जमालपुर. ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कारखाना शाखा और ओपन लाइन शाखा द्वारा केंद्रीय और स्थानीय मांगों को लेकर प्रतिवाद जुलूस निकाला और प्रदर्शन करते हुए धरना दिया. धरना के उपरांत दोनों यूनियन के एक शिष्टमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन भी सौंपा.

प्रतिवाद मार्च निकालकर रेलकर्मियों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

पहले चरण में यूनियन के रेलकर्मियों ने केंद्रीय एवं रेलवे अस्पताल को राज्य सरकार के अधीन करने के लिए प्रतिवाद मार्च निकाला. मार्च करते हुए कर्मियों ने कारखाना के गेट नंबर एक होते हुए पूर्व रेलवे मुख्य अस्पताल पहुंची. जहां दोनों यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधि मंडल में परमानंद कुमार, एसडी मंडल, कमोज कुमार, अनिल प्रसाद यादव, सत्यजीत कुमार, शक्तिधर प्रसाद, दिलीप कुमार, जुगल किशोर यादव शामिल थे. प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट किया कि वे लोग सिविलियन का इलाज रेलवे हॉस्पिटल में करने का विरोध नहीं करते हैं, बल्कि ऐसा करने से रेल अस्पताल का कद और बढ़ेगा तथा आमलोगों को भी सहुलियत होगी.

रेलवे के निजीकरण पर रोक लगाने व एक्ट अप्रेंटिस युवाओं की बहाली की मांग

इसके उपरांत रेलकर्मियों ने नारेबाजी करते हुए कारखाना गेट संख्या-2 के निकट पहुंचे और धरना पर बैठ गए. जहां यूनियन के नेताओं ने कहा कि उनकी केंद्रीय मुख्य मांगों में सात मांगें शामिल हैं. जिसमें आठवें वेतन आयोग कमेटी का गठन कर एक जनवरी 2026 से लागू करने, कोरोना काल से लंबित आठ महीने का महंगाई भत्ता का भुगतान करने, पीएलबी बोनस सीलिंग न्यूनतम 18 हजार रुपये करने, भारतीय रेल सहित सरकार के अंतर्गत आने वाले सभी अस्पतालों को केंद्र सरकार के अंतर्गत रखते हुए लोगों को इलाज की सुविधा प्रदान करने, श्रम कोड को रद्द करने, अवकाश प्राप्त रेल कर्मचारियों के स्थान पर एक्ट अप्रेंटिस एवं आईटीआई पास युवाओं से रिक्त स्थान को भरने तथा रेलवे के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग शामिल है. स्थानीय मांगों में रेलवे अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक को बहाल करने, जमालपुर कारखाना में कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या दस हजार करने, वैगन क्रेन बीएलसी, एमसीटीआर शॉप में आउटसोर्स बंद करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं. मौके पर दीपक कुमार सिंह, मंजू श्रीवास्तव, रंजीत कुमार सिंह, संजीव कुमार, देव शंकर सिंह, धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार, गोपाल जी, परमानंद कुमार, राहुल रमन उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND KUMAR

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By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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