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बाढ़ की चपेट में 170 गांव की दो लाख आबादी

Updated at : 07 Aug 2025 11:20 PM (IST)
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बाढ़ की चपेट में 170 गांव की दो लाख आबादी

बाढ़ की चपेट में 170 गांव की दो लाख आबादी

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मुंगेर. मुंगेर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर हो गया है. इसके साथ ही जिले में बाढ़ का प्रकोप शुरू हो गया है. चार प्रखंडों के 170 से ज़्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. इससे लगभग दो लाख की आबादी प्रभावित हुई है. गांवों के अलावा, शहर के कई इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है. बाढ़ के कारण जिले में अफरा-तफरी का माहौल है. पीड़ित अब सरकार से मदद और बचाव की गुहार लगा रहे हैं.

खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर बह रहा गंगा का पानी

मुंगेर में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है. आपदा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह सात बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से एक सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी थी. जिसमें बढोतरी जारी रही. अपराह्न 2 बजे गंगा का जलस्तर 39.41 मीटर पर पहुंच गया और शाम में 4 सेंटीमीटर की बढोतरी के साथ ही गंगा का जलस्तर 39.45 पर पहुंच गया. यानी मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. साथ ही जलस्तर में अभी बढोतरी जारी रहेगी. अगर इसी रफ्तार से गंगा के जलस्तर में बढोतरी जारी रही तो दो में गंगा का जलस्तर 40 मीटर से ऊपर पहुंच जायेगा. विदित हो कि आपदा विभाग के रजिस्टर में 40.99 मीटर उच्च स्कोर रहा है. संभावना व्यक्त की जा रही है इस बार 40.99 मीटर का रिकार्ड तोड़ कर गंगा का जलस्तर 50 मीटर से ऊपर चला जायेगा.

20 पंचायत बाढ़ से प्रभावित

जिले के चार प्रखंड मुंगेर सदर, बरियारपुर, हवेली खड़गपुर एवं जमालपुर प्रखंड का 20 पंचायत से अधिक बाढ़ से प्रभावित है और 170 से अधिक गांव में पानी भर गया है. जिसके कारण 60 हजार से अधिक परिवार में रहने वाले 2 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है. विदित हो कि मुंगेर जिले के 38 पंचायत बाढ़ से प्रभावित हैं. इन पंचायतों में 291 गांव हैं और 3.12 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित होते हैं. खास तौर पर, सदर, बरियारपुर, धरहरा, जमालपुर, असरगंज और हवेली खड़गपुर प्रखंडों के 38 पंचायत बाढ़ से प्रभावित होते हैं. इन पंचायतों में 74,000 से अधिक परिवार रहते हैं, जिनकी कुल आबादी 3.12 लाख है. जो बाढ़ से प्रभावित होते है.

स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में घुसा बाढ़ का पानी

बाढ़ प्रभावित मुंगेर सदर, बरियारपुर और खड़गपुर सहित शहर के निचले इलाकों के विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र जलमग्न हो चुका है. जिसके कारण एक ओर जहां वहां पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गयी है. दूसरी ओर बच्चे मध्याह्न भोजन व पोषाहार से वंेचित हो गये है. शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तीन प्रखंड व मुंगेर शहर के 24 प्राथमिक, मध्य एवं उच्च विद्यालय में पानी घुस गया है. जिसकी रिपोर्ट तैयार कर इन स्कूलों को बंद करने के लिए जिलाधिकारी को भेजा है. जबकि आइसीडीएस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 50 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र बाढ़ के कारण बंद हो गया है. जिसके कारण बच्चों को मिलने वाला पोषाहार भी बंद हो गया. आइसीडीएस डीपीओ गुंजन मौली ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों केे सीडीपीओ से कितने आंगनबाड़ी केंद्र बाढ़ से प्रभावित हुए है उसकी रिपोर्ट मांगी गयी है. रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकता है.

शहर में भी घुसा बाढ़ का पानी, बढ़ी परेशानी

मुंगेर.

खतरे के निशान से पानी उपर होते ही बाढ का दबाव शहरी क्षेत्रों में बढ़ने लगा है. नगर निगम के चार वार्ड के निचले इलाकों में बसे मोहल्ले में पानी घुस गया है. शहर के हेरूदियारा, करबल्ला, शिवनगर चांय टोला, नया टोला चुआबाग में पानी घुस गया है. जबकि लाल दरवाजा में घरों में पानी घुस आया है. मुंगेर सड़क पुल के एनएच-333बी को जोड़ने वाले लिंक पथ गीता बाबू रोड में भी पानी भर गया है. जिसके कारण राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. धीरे-धीरे शहरी क्षेत्र के नये इलाकों की ओर बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ता चला जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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