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मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे, श्याम आयेंगे... पर देर रात झूमते रहे श्रद्धालु

Updated at : 18 Aug 2025 12:03 AM (IST)
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मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे, श्याम आयेंगे... पर देर रात झूमते रहे श्रद्धालु

मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे, श्याम आयेंगे

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हवेली खड़गपुर. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शनिवार की देर शाम नगर के ऐतिहासिक धार्मिक धरोहर मुरली मनोहर ठाकुरबाड़ी में सुरमयी भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां बड़ी संख्या में धर्मानुरागी देर रात तक भक्ति रसधारा में गोते लगाते रहे. संगीत शिक्षक अरुण कुमार पाठक के मार्गदर्शन एवं अभिषेक पाठक के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक प्रार्थना से हुई. रिचा ने राग खमाज में तोरा मन दर्पण कहलाए भजन पेश किया. जबकि रिंकी ने राग मालकौंश में बड़ी दूर नगरी, लक्ष्य ने जय जय कृष्ण मुरारी, रिया ने यशोमती मैया से बोले नंदलाला की सुरमयी प्रस्तुति दी. देविका पाठक ने कभी राम बनके, कभी श्याम बन के भजन सुनाया. अनुकृति साहा ने जन्मे है कृष्ण कन्हैया, रागिनी पाठक ने कृष्ण के जन्म सुनी आई और मेरी झोपडी के भाग्य आज खुल जाएंगे श्याम आयेंगे भजन से माहौल को भक्तिमय बना दिया. दुर्गा रानी पाठक ने जरा सिर को झुकाओ, वासुदेव और साधना देवी ने नजरिया लग जाएगी मेरे कान्हा को भजन से सबों को सराबोर कर दिया. नन्ही अंशु प्रिया ने अच्युतम केशवम और ऋतु मंजरी ने लड्डू गोपाल भजन से सबों की खूब तालियां बटोरी. साक्षी ने बदरिया बरसे श्याम नहीं आए, भजन से सबों को भाव-विभोर कर दिया. अनन्या पाल, पिंकी, संकित, अमिताभ, रामलोचन पासवान, साक्षी, मयंक, अभिनव पाठक, रजनी साहा, लक्ष्मी आदि ने भी भजन प्रस्तुत किये. हारमोनियम पर अरुण पाठक, आर्गन पर अभिनव पाठक, नाल पर सन्नी झा, झाल पर राजीव नागर थे.

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श्रीकृष्ण लल्ला के लिये मंदिरों में जुटे रहे श्रद्धालु

तारापुर. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शनिवार की देर रात प्रखंड के पुरानी बाजार ठाकुरबाडी में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया. देर रात तक श्रद्धालु श्रीकृष्ण लला के जन्म के इंतजार में भक्ति गीतों पर झूमते रहे. मंदिर में चल रहे भजन से इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा. भगवान के बाल रुप को पालने में रखकर महिला झुलाने में लगी थी. गायक बिदुरजी एवं सतीष कुमार ने अपने भक्ति गीत श्याम झुले, हनुमत झुले, झुले शंकर त्रिपुरारी, राधा रानी झुला झुले, झूलाये मोहन कृष्ण मुरारी जैसे गीत से लोगों को भाव-विभोर कर दिया. जिसके बाद मेरा मन, मेरा तन, सब तेरा सावरिया रे, मेरा तो कुछ भी नहीं. गीत पर भी बच्चे से लेकर बुढ़े तक झुमने को मजबूर हो गये. इस बीच रात्रि जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा था, श्रद्धालुओं में उत्साह दोगुना होता जा रहा था. रात 12 बजे उपस्थित श्रद्धालु जय हो कन्हैया लाल की के जयघोष लगाने लगे. दूसरी ओर एक नन्हे बालक को भगवान का स्वरुप मानकर बासुदेव की वेषभूषा में में कन्हैया को एक डलिया में लेकर मंदिर परिसर लाया गया. लोगों ने बाल स्वरूप श्रीकृष्ण लला के दर्शन कर पूरी तरह विभोर नजर आये. भजन कार्यक्रम में उद्धोषक के रुप में सोनू राज, पैड पर विजय कुमार, नाल पर आशुतोष कुमार, केसियो पर संजय केशरी थे. मौके पर पंकज कुमार विश्वकर्मा, गुडडु चौधरी, यश केशरी, संजय चौधरी, अशोक चौधरी आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT JHA

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