ePaper

शहर में तेजी से बढ़ रहा स्मैक व अन्य नशे का प्रचलन, युवा बन रहे नशे के शिकार

Updated at : 21 Feb 2026 7:46 PM (IST)
विज्ञापन
शहर में तेजी से बढ़ रहा स्मैक व अन्य नशे का प्रचलन, युवा बन रहे नशे के शिकार

प्रदेश में शराबबंदी की घोषणा के बाद शराब पीने वालों के विरुद्ध पुलिसिया कार्रवाई और फिर कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है.

विज्ञापन

जमालपुर. प्रदेश में शराबबंदी की घोषणा के बाद शराब पीने वालों के विरुद्ध पुलिसिया कार्रवाई और फिर कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है. इसे लेकर क्षेत्र के युवा पीढ़ी का सबसे पसंदीदा नशा स्मैक बन चुका है. आसानी से उपलब्ध होने वाला यह नशा जिस प्रकार से एक व्यवसाय के रूप में गति पकड़ रहा है. उससे यही लगता है कि आने वाला समय जमालपुर उड़ता पंजाब बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है.

इस व्यवसाय को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई भी की जाती है, परंतु सामाजिक स्तर के साथ अभिभावकों की संवेदनहीनता इस नशे को आजादी दे रही है. बताया जाता है कि इस नशे का सेवन करने वाले युवा चहल-पहल और कोलाहल से दूर अपनी अलग दुनिया में रहना पसंद कर रहे हैं.

स्मैक के सेवन से बढ़ता है स्वास्थ्य के प्रति खतरा

जानकार बताते हैं कि स्मैक के सेवन करने वाले युवाओं के स्वास्थ्य के प्रति खतरा बढ़ जाता है. ओवरडोज की स्थिति में बेहोशी और सांस रुकने तथा मौत की संभावना बन जाती है. वहीं लगातार सेवन करने वालों का वजन घटना, कमजोरी, भूख कम लगना, फेफड़ा और किडनी प्रभावित होना, ब्लड प्रेशर में गड़बड़ी की संभावना बन जाती है, जबकि इंजेक्शन के सेवन से एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी जैसे जानलेवा बीमारी का खतरा उत्पन्न हो जाता है. इतना ही नहीं सेवन करने वालों के निर्णय क्षमता में भी कमी आती है. इसे एक सामाजिक बुराई के रूप में लेने की जरूरत है, क्योंकि देश में स्मैक का उत्पादन खरीद बिक्री करना अपने पास रखना एनपीडीएस एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है. इस स्मैक के सेवन करने वाले को बगैर संकोच सरकारी या मान्यता प्राप्त नशा मुक्ति केंद्र से संपर्क करना चाहिए अथवा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से भी संपर्क किया जा सकता है.

कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

जमालपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सुमन ने बताया कि स्मैक के नशे का प्रचलन जिस प्रकार से बढ़ रहा है. वह आने वाली पीढियाें के लिए काफी खतरनाक साबित होगा. अभिभावक को इसे प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए इससे मुक्ति दिलाने का प्रयास करना चाहिए. यह एक प्रकार का स्वीट प्वाइजन है. जो इंसान को धीरे-धीरे खोखला कर देता है.

————————-

केस स्टडी 1

: 9 जनवरी को जमालपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के एक ठाकुरबाड़ी के समीप एक ही स्थान पर संदिग्ध अवस्था में तीन युवकों को गिरफ्तार किया था. जिसमें न केवल जमालपुर, बल्कि बरियारपुर थाना क्षेत्र का भी युवक शामिल था. बताया गया कि यह लोग नशा किये थे. इस कारण इन लोगों को अनुमंडल पदाधिकारी के कोर्ट में पेश किया गया था.

——-

केस स्टडी 2 :

7 जनवरी को जमालपुर थाना क्षेत्र के सदर बाजार खलासी मोहल्ला के एक मकान में संदिग्ध अवस्था में आठ युवकों को गिरफ्तार किया गया था. जिसमें जमालपुर और सफियाबाद क्षेत्र के अतिरिक्त रेलवे कॉलोनी के युवक भी शामिल थे. इनमें एक कुख्यात अपराधी भी था. जिस समय इन युवाओं को गिरफ्तार किया गया था. उस समय सभी युवक नशे में थे, परंतु यह शराब का नशा नहीं था. सभी को एसडीओ कोर्ट भेजा गया था.

विज्ञापन
AMIT JHA

लेखक के बारे में

By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन