नवजात के बदलने का मामला अफवाह, जांच के बाद हुआ खुलासा
Published by : Rajeev Murarai Sinha Sinha Updated At : 22 Dec 2025 10:06 PM
नवजात के बदलने का मामला अफवाह, जांच के बाद हुआ खुलासा
सूर्यगढ़ा. सूर्यगढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार की तड़के प्रसव के बाद नवजात के बदलने के मामले ने हड़कंप मचा दिया था. इस मामले को लेकर सोमवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वाईके दिवाकर द्वारा एक तीन सदस्यीय चिकित्सक टीम गठित की गयी, जिसने मामले की गहन जांच की. इस टीम में सूर्यगढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ राजीव रंजन, डॉ सीमा भारती व डॉ सुगंध कुमार शामिल थे. जांच दल ने प्रसुता अंजली कुमारी, उनकी मां कंचन देवी, पति नारायण मांझी, आशा कार्यकर्ता मुन्नी कुमारी, एएनएम वंदना बाजपेई, एएनएम अर्चना कुमारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार, और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से इस संदर्भ में गहन पूछताछ की. पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ कि प्रसव के बाद जो सूचना शिकायतकर्ताओं को मिली थी, उसमें किसी प्रकार की गलती हुई थी. प्रसूता अंजली कुमारी, उनकी मां कंचन देवी और पति नारायण मांझी ने इस बात को स्वीकार किया कि उन्हें शायद कुछ गलतफहमी हो गई थी, जिसके चलते इस मामले में भ्रामक जानकारी फैल गई. शिकायतकर्ता ने अंततः अपनी शिकायत को वापस ले लिया और यह स्वीकार किया कि उनका आरोप निराधार था. क्या था मामला जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 4 मिनट के अंतराल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन नवजात का जन्म हुआ था, जिनमें से दो लड़के और एक लड़की का जन्म हुआ था. इनमें से एक लड़के का जन्म एंबुलेंस में हुआ था, जिसे बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा लाया गया था. चूंकि एक ही समय में तीन प्रसव हुए थे, इसलिए एक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसके बाद यह अफवाह फैल गई कि नवजातों का बदलना हुआ है. जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह पूरी घटना केवल गलतफहमी का परिणाम थी और को वास्तविक बदलाव नहीं हुआ था. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वाईके दिवाकर ने बताया कि जांच में यह बात सामने आयी कि शिकायत पूरी तरह से निराधार थी. शिकायतकर्ता ने डीएनए जांच करवाने से भी इनकार कर दिया. इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी भूल स्वीकारते हुए शिकायत वापस ले ली. इस घटना के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस प्रकार के भ्रम को दूर करने के लिए अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया.
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