बदहाली : मुंगेर विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र बेपटरी, विद्यार्थी हो रहे परेशान

सत्र को नियमित करना भी विश्वविद्यालय के लिए बड़ी चुनौती
साल 2027 में समाप्त होने वाले सीबीसीएस स्नातक के पहले सत्र का अबतक सेमेस्टर-5 में नामांकन तक नहीं हो पाया आरंभ
स्नातक सत्रों के अनियमित होने से अब पीजी के नये सत्र में नामांकन में होगी मुसीबतमुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है. हाल यह है कि सीबीसीएस स्नातक के जिस पहले सत्र को साल 2027 में समाप्त होना है. उस सत्र के सेमेस्टर-5 में भी अबतक विश्वविद्यालय नामांकन आरंभ नहीं कर पाया है. जबकि सत्र 2024-28 स्नातक का सत्र भी लगभग 6 माह विलंब से चल रहा है. हद तो यह है कि एमयू की ओर से साल 2026 में अपने पीजी विभागों के लिए सत्र 2025-27 में नामांकन लिया गया, जबकि अब स्नातक के सत्रों के विलंब होने से विश्वविद्यालय के लिए इस साल अपने पीजी के सत्र 2026-28 में नामांकन लेना मुसीबत होगा.
स्नातक के सत्र पूरी तरह हो चुके हैं बेपटरी
बता दें कि सरकार द्वारा अब स्नातक के सत्रों को सीबीसीएस के तहत चार वर्ष का कर दिया गया है. इसमें कुल 8 सेमेस्टर होना है. इसके लिए विश्वविद्यालय में सत्र 2023-27 स्नातक सत्र आरंभ किया गया. हालांकि नियमानुसार इस सत्र को अगले साल 2027 के मार्च तक समाप्त होना है, लेकिन विश्वविद्यालय अबतक उक्त सत्र के लिए सेमेस्टर-5 में नामांकन तक नहीं ले पाया है. ऐसे में अब इस सत्र को नियमित करने के लिए विश्वविद्यालय को एक साल में ही तीन सेमेस्टर को पूरा करना होगा. इतना ही नहीं सत्र 2024-28 स्नातक सेमेस्टर-2 का रिजल्ट लगभग छह माह बाद जारी होने के कारण यह सत्र पहले ही 6 माह विलंब हो चुका है. ऐसे में अब इस सत्र को नियमित करना भी विश्वविद्यालय के बड़ी चुनौती होगी.
पीजी के नये सत्र में नामांकन होगी मुश्किल
एमयू के बेपटरी शैक्षणिक व्यवस्थाओं का हाल यह है कि विश्वविद्यालय द्वारा अपने 20 पीजी विभाग तथा 9 पीजी सेंटर के लिए सत्र 2025-27 पीजी सेमेस्टर-1 में नामांकन की प्रक्रिया वैसे तो 2025 में ही आरंभ की गयी, लेकिन नामांकन जनवरी 2026 में पूरा हो पाया. इतना ही नहीं एमयू अपने पूर्व के सत्र 2022-25 स्नातक पार्ट-3 बैकलॉग को पूरी तरह भूल चुका है. इससे अब साल 2026 में एमयू को अपने सत्र 2026-28 पीजी सेमेस्टर-1 में नामांकन लेना ही सबसे मुश्किल होगा.
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