एईडीओ परीक्षा से पहले मुंगेर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, मास्टर माइंड सहित 22 गिरफ्तार

Published by :BIRENDRA KUMAR SING
Published at :14 Apr 2026 9:00 PM (IST)
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एईडीओ परीक्षा से पहले मुंगेर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, मास्टर माइंड सहित 22 गिरफ्तार

परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक कैप्चर के दौरान प्रश्न पत्र का फोटो कर गैंग को देता.

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– जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं एसडीपीओ सदर के नेतृत्व में सोमवार की रात से शुरू हुई थी छापेमारी

– गिरफ्तार होने वालों में 18 अभ्यर्थी शामिल, कोचिंग संचालक फरार

फोटो इमेजिंग लगाना है

प्रतिनिधि, मुंगेर

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बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार पटना द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा-2026 से पहले मुंगेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की. पुलिस ने जहां मास्टर माइंड सहित चार बायोमेट्रिक ऑपरेटर को गिरफ्तार किया. वहीं 18 अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया है. जो ऑपरेटरों के माध्यम से परीक्षा में कदाचार करने वाले थे. पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि एईडीओ परीक्षा में फर्जीबाड़ा होने की सूचना मिली. जिस गैंग द्वारा फर्जीबाड़ा की रूप रेखा तैयार की गयी थी. उसके बारे में पुरी जांच करायी गयी. जिसके बाद एसडीपीओ सदर अभिषेक आनंद एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी कुणाल गौरव के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. जिसने सोमवार की रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भगतचौकी में छापेमारी कर सूजल कुमार को गिरफ्तार किया. जो इस फर्जीबाड़ा गिरोह का मास्टर माइंड था. जिसके बाद टीम ने उसकी निशानदेही पर मुंगेर में ही अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पटना के समीर कुमार, भागलपुर जिले के कहलगांव निवासी प्रशांत कुमार एवं मुंगेर जिले के लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के बंगलवा निवासी प्रियांशु को गिरफ्तार किया. इतना ही नहीं सुजल के पास से पुलिस इस परीक्षा में भाग लेने वाले 20 अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड बरामद हुआ. सुजल ने बताया कि इन अभ्यर्थियों को परीक्षा में ऑनसर सीट उपलब्ध कराने की डील हुई थी. जिसके बाद पुलिस ने नौवागढ़ी, मससपुर, बिंदबारा मोड़ और मॉडल स्कूल सहित अन्य परीक्षा केंद्र पर छापेमारी कर परीक्षा देने पहुंचे 18 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया. जो इस फर्जीबाड़े गैंग से लाभ लेने वाले थे. उन्होंने बताया कि गैंग में मुंगेर शहर के अंबे चौक स्थित राठौरा कोचिंग सेंटर के संचालक की भी संलिप्तता सामने आई है. जब वहां छापेमारी की गयी तो वह फरार था. उन्होंने बताया कि फरार कोचिंग संचालक एवं लाभान्वित होने वाले अन्य छात्र-छात्राओं की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

बायोमेट्रिक कैप्चर टैब से प्रश्न पत्र हाेने वाला था लीक

मिली जानकारी के अनुसार एईडीओ परीक्षा में सुजल के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर फर्जीबाड़े की रणनीति तैयार की गयी थी. जिस एजेंसी को परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक कैप्चर (उंगलियों के निशान, चेहरा, आंख की पुतली) करने के लिए राजस्थान की एक एजेंसी को जिम्मेदारी दी गयी है. एजेंसी ने इसको लेकर मुंगेर जिले में अपना एक नोडल पदाधिकारी भी नियुक्त किया है. जिसने भगतचौकी के सूजल से संपर्क किया और ऑपरेटर के लिए 128 लड़का-लड़की का मांगा. उसने मानवबल उपलब्ध कराया. जिसे एजेंसी ने ट्रेनिंग भी दिया. लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले ही सूजल ने कुछ परीक्षा केंद्रों पर अपने ऑपरेटर को भेजने की तैयारी की. जो परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक कैप्चर के दौरान प्रश्न पत्र का फोटो कर गैंग को देता. जो उसका ऑनसर सीट बना कर पुन: उसी ऑपरेटर के माध्यम से डील होने वाले अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराता. लेकिन परीक्षा से पहले ही सोमवार की रात फर्जीबाड़े गैंग का उद्भेदन कर लिया गया.

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