कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे कक्षाओं में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य

Updated at : 08 Apr 2026 6:56 PM (IST)
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कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे कक्षाओं में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य

कुलाधिपति के आदेश पर बिहार सचिवालय की विशेष ड्यूटी अधिकारी (न्यायिक) कल्पना श्रीवास्तव ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपति को भेजा है पत्र

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एमयू में कागजों पर भी नहीं हो रहा शिक्षकों की उपस्थिति आदेश का पालन

मुंगेर. कॉलेजों में सभी संकाय के शिक्षकों को अब प्रत्येक सप्ताह जहां 40 घंटे कक्षा लेनी होगी. वहीं प्रतिदिन कम से कम पांच कक्षाओं में उपस्थित होना अनिवार्य होगा. इसके लिए कुलाधिपति के आदेश पर बिहार सचिवालय की विशेष ड्यूटी अधिकारी (न्यायिक) कल्पना श्रीवास्तव ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भेजकर विशेष निर्देश दिये हैं. हालांकि मुंगेर विश्वविद्यालय में यह नियम तो कागजों पर भी नहीं चल रहा है. इसका अंदाजा केवल इसी से लगाया जा सकता है कि न तो विश्वविद्यालय के पास प्रत्येक कॉलेज और पीजी विभागों की कक्षा का रूटीन है और न ही शिक्षकों के नियमित कक्षा संचालन का कोई डाटा. हद तो यह है कि एमयू में कई शिक्षक एक से अधिक पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

आदेश को सभी विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में सख्ती से लागू करने का निर्देश

पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में कार्यरत सभी संकाय सदस्यों को सेमेस्टर सप्ताहों के दौरान प्रति दिन कम से कम पांच घंटे कक्षाओं में उपस्थित होना अनिवार्य है, बशर्ते कि सप्ताह में कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. उपरोक्त न्यूनतम दैनिक और साप्ताहिक कार्यभार मानदंड इस शर्त के अधीन है कि ऐसा न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह अर्थात् 180 कार्य दिवस तक बना रहना चाहिए. इसके साथ ही साप्ताहिक कार्यभार के 40 घंटे सेमेस्टर सप्ताहों के दौरान छह कार्य दिवसों में समान रूप से वितरित किये जाने चाहिए. इस आदेश को सभी विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में सख्ती से लागू किया जाये.

एमयू में कागजों पर भी नहीं हो रहा आदेशों का पालन

एमयू में इस नियम का कागजों पर भी पालन नहीं हो रहा है, क्योंकि विश्वविद्यालय के पास न तो कॉलेजों में संचालित होने वाले कक्षाओं का रूटीन है और न ही शिक्षकों द्वारा प्रतिदिन ली जा रहे कक्षाओं का कोई डाटा. हालांकि विश्वविद्यालय द्वारा सभी कॉलेजों को रूटीन और शिक्षकों के कक्षा संचालन का डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश कई बार दिया गया है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो पाया.

एक से अधिक पद संभाल रहे कई शिक्षक

एमयू में प्रत्येक संकाय के शिक्षकों के लिए सचिवालय के आदेश का पालन करना काफी मुश्किल होगा, क्योंकि कई शिक्षकों के पास एक से अधिक जिम्मेदारी है. हालांकि राजभवन द्वारा पूर्व में ही निर्देश दिया गया है कि एक से अधिक पद की जिम्मेदारी किसी को नहीं दी जानी है. पर इसका अनुपालन मुंगेर विश्वविद्यालय में नहीं होता. बता दें कि विश्वविद्यालय में कई शिक्षक पीजी विभागाध्यक्ष होने के साथ कॉलेजों में प्राचार्य की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं. जबकि कई शिक्षक अपने शिक्षण कार्य के साथ विश्वविद्यालय में अधिकारी भी हैं.

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AMIT JHA

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AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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